दिवाली पर मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू के दर्शन और पूजन का विधान है। यही विधान अब उल्लू के लिए मुसीबत बन गया है। जानें क्या है मामला...
दिवाली पर है उल्लू के दर्शन और पूजन का विधान
डेमो पिक
तालग्रामः मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू के दर्शन और पूजन का विधान है। लोगों को उल्लू के दर्शन कराने और बदले में उनसे रुपये ऐंठने के लिए शिकारी उल्लू को पकड़कर कैद कर लेते हैं। इसमें कई बार उल्लू की मौत भी हो जाती है। हालात ये है कि अब यह पक्षी विलुप्तप्राय हो गया है।
इसी को देखते हुए वन विभाग ने अब इसे बचाने की पहल की है। रविवार से टीम को ऐसे लोगों पर नजर रखने और कार्रवाई करने को कहा गया है जो उल्लू का शिकार कर रहे हैं। क्षेत्रीय उपवनाधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में वन रक्षकों के साथ गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों पर निगाह रखी जा रही है। यदि कोई उल्लू को पकड़ता मिला तो उसके खिलाफ वन्य जन्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वन रेंजर ने बताया कि संरक्षण के बावजूद उल्लू की संख्या घट रही है। अंधविश्वास के चलते लोग पक्षी को पकड़ते हैं। वनकर्मियों को ऐसे लोगों को पकड़ने और कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।