ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा कि- "उत्तर प्रदेश सरकार ने सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के 6 साल पुराने वीडियो की जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया। वीडियो उस समय का है जब यह सरकार सत्ता में भी नहीं थी। यह धर्म के आधार पर साफ तौर से उत्पीड़न का मामला है।"
ओवैसी ने कहा कि अगर मानदंड यह है कि किसी भी अधिकारी को धार्मिक गतिविधि से नहीं जोड़ा जाना चाहिए तो कार्यालयों में सभी धार्मिक प्रतीकों व छवियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दीजिए। यदि घर में आस्था की चर्चा करना अपराध है तो सार्वजनिक धार्मिक उत्सव में भाग लेने वाले किसी भी अधिकारी को दंडित किया जाए।