कानपुर देहात। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर स्थित इंक्यूबेशन सेंटर में सोमवार को चेन्नई व गाजियाबाद से मशीनों की आपूर्तिकर्ता कंपनी के इंजीनियर पहुंचे। हालांकि आउटगोइंग केबल नहीं लगाए जाने से बेकरी, दूध के प्रशिक्षण के लिए लगी मशीनों का ट्रायल रन नहीं हो सका।
बीते दिनों विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिलने के बाद इंक्यूबेशन सेंटर में 70 किलोवाट का बिजली कनेक्शन कर दिया गया। स्विच रूम में बिजली मीटर व आउटगोइंग मशीन लग गई। इन्हें केबल से जोड़ दिया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को अब आउटगोइंग मशीन से इंक्यूबेशन सेंटर तक सर्विस केबल लगानी है। सोमवार को चेन्नई से इंजीनियर कन्नन और गाजियाबाद से इंजीनियर राजीव पहुंचे। चेन्नई से आए इंजीनियर को बेकरी मशीनों और गाजियाबाद से आए इंजीनियर को दूध प्लांट की मशीनों का ट्रायल रन कराना है। इधर आउटगोइंग सर्विस केबल नहीं लगी होने से मशीनों का ट्रायल रन नहीं हो सका। पूरे दिन इंजीनियर यहां खाली बैठे रहे।
इंजीनियरों ने बताया कि मशीनों तक बिजली आपूर्ति उपलब्ध नहीं है इसकी वजह से ट्रायल रन नहीं हो सका है। दोपहर में पहुंचे जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने मशीनों की आपूर्तिकर्ता फर्म से आए इंजीनियरों से जानकारी ली। इसके बाद आउटगोइंग सर्विस केबल जल्द लगाने के लिए ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अभियंता को आवश्यक निर्देश दिए। बता दें कि करीब एक करोड़ की लागत से इंक्यूबेशन सेंटर भवन बना है। जबकि करीब ढाई करोड़ की लागत से यहां पेठा, दूध व बेकरी प्रशिक्षण की मशीनें लगाई गई हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए हर साल करीब एक हजार जरूरतमंदों को प्रशिक्षण दिया जाना है। बिजली कनेक्शन नहीं हो पाने से करीब छह माह से मशीनों का ट्रायल रन अटका है। अब बिजली कनेक्शन हो गया है तो आउटगोइंग सर्विस केबल नहीं डाली जा सकी है।
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बयान....
मशीनों के ट्रायल रन के लिए चेन्नई व गाजियाबाद से इंजीनियर सोमवार को आए हैं। इंजीनियर अभी रुके हैं। ठेकेदार को जल्द आउटगोइंग सर्विस केबल का काम पूरा कराने को कहा गया है। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी।
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इंक्यूबेशन सेंटर के स्विच रूम में मीटर व आउटगोइंग मशीन लगा दी गई है। अब आउटगोइंग सर्विस केबल ठेकेदार को लगाना है। सोमवार को ठेकेदार केबल खरीदने कानपुर गए थे। मंगलवार को केबल लगाने का काम कराया जाएगा। - विश्वजीत त्रिवेदी, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग