जांच कमेटी में तत्कालीन डीडीओ राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ गिरीशचंद्र और जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता ऋषभ अग्रवाल शामिल थे। जांच टीम ने कार्यकाल पूरा होने से एन पहले 17 मार्च को ही कुछ भुगतान किए जाने की पुष्टि की है।
हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र पंचायत में प्रशासक तैनात होने के बाद भी भुगतान किए जाने और मजदूरों का भुगतान ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता के खाते में भेजे जाने के प्रकरण में डीएम ने सख्त रुख अपना लिया है।
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डीएम अविनाश कुमार ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी बिलग्राम, जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण श्रद्धा पांडेय को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है, जबकि अवर अभियंता के सब्बर जैदी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है।
बिलग्राम क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद एसडीएम बिलग्राम एपी श्रीवास्तव को क्षेत्र पंचायत का प्रशासक बनाया गया था। प्रशासक बनाए जाने के बाद एसडीएम ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को एक गोपनीय पत्र भेजकर ्वगत कराया था कि प्रशासक तैनात होने के बाद भी बीडीओ ने संज्ञान में लाए बिना ही भुगतान कर दिया।
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इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी में तत्कालीन डीडीओ राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ गिरीशचंद्र और जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता ऋषभ अग्रवाल शामिल थे। जांच टीम ने कार्यकाल पूरा होने से एन पहले 17 मार्च को ही कुछ भुगतान किए जाने की पुष्टि की है।
साथ ही विभिन्न मदों से कराए गए 14 कार्यों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता सैयद अली सब्बर के निजी खाते में 16 लाख 17 हजार 770 रुपये का भुगतान किए जाने का उल्लेख भी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में किया है। जांच टीम ने इस भुगतान को नियम के विपरीत बताते हुए लिखा है कि श्रमिकों को भुगतान किया जाना चाहिए था।
पूरी रिपोर्ट के बाद अब डीएम अविनाश कुमार ने इस मामले में सख्त रुख दिखाते हुए अवर अभियंता सैयद अली सब्बर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्रद्धा पांडेय (जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने बताया कि स्पष्टीकरण मिलने के बाद उनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी।