भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की फोन पर जानकारी लेती शुभम की पत्नी और परिजन।
- फोटो : परिजन
कानपुर। भारतीय सेना ने देर रात पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला क्या किया, उसकी धमक कानपुर तक सुनाई दी। उनीदी आंखों से शहर के लोगों ने पाकिस्तान की जमीन पर मौजूद आतंकियों को नेस्तोनाबूत होते देख खुशी व्यक्त की।
हमले की खबर जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया पर छाई, पहलगाम में मारे गए कानपुर के लाल शुभम द्विवेदी के परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने कहा कि आखिरकार देश की सेना ने शुभम के साथ हुई बर्बरता का ऑपरेशन सिंदूर के जरिये बदला ले लिया।
शुभम के चाचा मनोज द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हमारे बेटे की शहादत और बहू के माथे से मिटे सिंदूर का बदला है। वहीं, देर रात हुई इस कार्रवाई को उनीदी आंखों से शहर वासियों ने टीवी पर देख खुशी व्यक्त की।
फैज ए आम इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल मोइनुल इस्लाम ने कहा कि आतंकियों को समझना होगा कि भारतीय अहिंसा के पुजारी हैं लेकिन आतंकियों के हमले का जवाब वह अच्छे से देना जानते हैं। यतीमखाना निवासी मो. इरफान अंसारी ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पूरे देश की नजरें भारतीय सेना और सरकार की ओर टिकी हुई थीं।
सबको उम्मीद थी कि सेना जवाब देगी, हमने कर दिखाया। उधर, देर रात हुए हमले के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। घंटाघर बस अड्डे और हवाई अड्डे व व्यावसायिक व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर के बड़े प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।