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Kanpur News: एक पैन पर छह फर्में, एक ही व्यापार स्थल और एक ही व्यक्त्ति

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कानपुर। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) विभाग के अफसरों ने बोगस फर्मों का बड़ा खेल पकड़ा है। एक ही पैन पर शहर में छह फर्में चलने का भंडाफोड़ किया गया है। पैन एक होने के साथ ही व्यापार स्थल और व्यक्ति भी एक ही है। एक साल में इन फर्मों के जरिए 57 करोड़ से ज्यादा की आयरन स्क्रैप की खरीद-बिक्री की गई। 19 बार फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंजीकरण का आवेदन किया गया। बिजली का बिल भी फर्जी मिला है। इसी पैन पर आगरा और महाराष्ट्र में भी बोगस फर्म खोली गईं, जिनका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। 11 करोड़ से ज्यादा की आईटीसी ब्लाक कर दी गई है।
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अपर आयुक्त ग्रेड एक, आरएस विद्यार्थी के निर्देशन में अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) कुमार आनंद, संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) रणकेंद्र और राज्य कर अधिकारी सृजन चौबे, रमेश चंद्र ने एआई और ई-वे बिलों की सहायता से डाटा एनालिसिस करने के बाद फर्जी फर्म का खुलासा किया। बताया गया कि फर्म विजय सेल्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिना किसी वास्तविक खरीद के ही 57 करोड़ 91 लाख की खरीद-बिक्री दिखाई। इस पर 11 करोड़ 54 लाख की सप्लाई ई-वे बिल के माध्यम से की गई है। फर्म के पैन की जांच की गई तो पता चला कि उसी पैन पर विजय सेल्स, विजय इंटरप्राइजेज नाम से छह अलग-अलग जीएसटीएन नंबरों के जरिए फर्में संचालित की जा रही थीं। पांच मई को फर्मों के घोषित व्यापार स्थल की जांच की गई। पता चला कि घोषित व्यापार स्थल क्रिस्टल कॉम्प्लेक्स, शॉप नंबर-12 कमला नगर, जेके टैंपल रोड, डायमंड कॉम्प्लेक्स, शॉप नंबर 12, कमला नगर, जेके टैंपल रोड जैसा कोई कॉम्पलेक्स या व्यापार स्थल मौके पर नहीं था। आस-पास के लोगों से पूछने पर भी कॉम्प्लेक्स या व्यापार स्थल के उस क्षेत्र में होने की जानकारी नहीं मिली। इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकरण के समय अपलोड बिजली का बिल केस्को के सत्यापन में फर्जी निकला। बताया गया कि फर्म ने अलग-अलग तिथियों पर 19 बार फर्जी दस्तावेजों के सहारे पंजीकरण के लिए आवेदन किया। हर बार फर्म का पंजीयन फर्जी दस्तावेजों और नोटिसों का जवाब न देने के बाद निरस्त कर दिया गया। बताया गया कि फर्म के पैन नंबर पर एक अन्य पंजीयन विजय इंटरप्राइजेज प्रोफेसर कालोनी शॉप नंबर 12 आगरा, केंद्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत है। इसके अतिरिक्त इसी पैन पर तीन और पंजीयन महाराष्ट्र के क्षेत्राधिकार में पंजीकृत थे, जिन्हें निरस्त किया जा चुका है।
अपर आयुक्त (ग्रेड एक) आरएस विद्यार्थी की अध्यक्षता में मंगलवार को कार्यालय में बैठक हुई। इसमें खंड 14 से 30 तक के सहायक आयुक्तों को प्रत्येक महीने में प्रांतीय क्षेत्राधिकार के साथ केंद्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत होने वाली नई फर्मों के पंजीयन संबंधी निर्देश दिए गए। कहा कि पंजीकरण में दाखिल दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाए। संदिग्ध फर्मों या गलत पंजीयन की सूचना तत्काल दी जाए।
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अपर आयुक्त ग्रेड दो (एसआईबी) कुमार आनंद ने बताया कि एक से पांच मई तक विशेष अभियान चलाकर ट्रांसपोर्टर और कर अपवंचकों पर कार्रवाई की गई। 10 वाहनों में लदा 1.20 करोड़ का माल सील किया गया। इन वाहनों में तीन में सुपाड़ी, तीन में स्क्रैप, दो में रेडीमेड गारमेंट और दो में परचून का सामान था। उन्होंने बताया कि चिन्हित या कर अपवंचक ट्रांसपोर्टर के खिलाफ जांच जारी रहेगी। ब्यूरो
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