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ऑनलाइन अपराध: महिलाओं के जीवन में तकनीक के दखल से सबसे ज्यादा खलल, प्रदेश में नंबर एक पर कानपुर

Sun, 26 Sep 2021 10:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

वर्ष-2020 में प्रदेश में महिलाओं के साथ ऑनलाइन माध्यमों से यौन शोषण के सबसे अधिक 62 मामले कानपुर में दर्ज हुए। दूसरे पावदान पर राजधानी लखनऊ है। यहां 48 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, गाजियाबाद इस मामले में सबसे सुरक्षित शहर रहा।
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महिलाओं के साथ ऑनलाइन माध्यमों से यौन शोषण - फोटो : pexels.com
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विस्तार
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जीवन में तकनीक का दखल बढ़ा तो निजता पर खतरा भी बढ़ गया। महिलाओं के लिए यह और भी चिंताजनक है। मोबाइल पर अनजान लोगों से दोस्ती महिलाओं को किस कदर महंगी पड़ सकती है, इसे एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों से समझा जा सकता है।
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इसके अनुसार, वर्ष-2020 में प्रदेश में महिलाओं के साथ ऑनलाइन माध्यमों से यौन शोषण के सबसे अधिक 62 मामले कानपुर में दर्ज हुए। दूसरे पावदान पर राजधानी लखनऊ है। यहां 48 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, गाजियाबाद इस मामले में सबसे सुरक्षित शहर रहा।

यहां सालभर में एक भी मामला सामने नहीं आया। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष-2019 की तुलना में महिलाओं से हुए साइबर अपराध के मामलों में लगभग 22 फीसदी की गिरावट आई है। वर्ष-2019 में इस तरह के कुल 365 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष-2020 में यह घटकर 300 पर आ गया।
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एक साल में आई गिरावट
2018 में 229 मामले दर्ज
2019 में 365 मामले दर्ज
2020 में 300 मामले दर्ज

पुलिस से दो कदम आगे साइबर अपराधी
पढ़े-लिखे साइबर अपराधी पुलिस से दो कदम आगे हैं। साइबर अपराधी कई बार इतनी सफाई से घटनाओं को अंजाम दे जाते हैं कि पुलिस भी चकमा खा जाती है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 2018 से 2020 के बीच कुल 270 मामलों में पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य भी नहीं जुटा पाई।

यह है विवेचना की स्थिति
2019 के 573 मामलों में पुलिस विवेचना अब भी लंबित
2020 के 300 मामलों में पुलिस की विवेचना लंबित
873 मामलों की विवेचना कर रही है शहर की पुलिस

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें पर ध्यान रखें
- किसी अनजान शख्स से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर भी लेती हैं तो कभी वीडियो कॉल पर बात न करें।
- सोशल मीडिया पर बने दोस्तों से अपनी निजी बातें कभी साझा न करें।
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- गलत मंशा का आभास होने पर ऐसे लोगों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दें।
- कभी भी किसी से अपनी निजी तस्वीरें या फोटो साझा न करें।
- किसी अनजान शख्स के हाथों में अपना स्मार्ट फोन न दें।

- सर्विस सेंटर पर स्मार्ट फोन देने से पहले डाटा सेव कर मोबाइल को री-सेट कर दें।
अपराध की शिकार हों तो यह करें
- सभी थानों पर मिशन शक्ति के तहत महिला हेल्प डेस्क है। बेझिझक  अपनी बात रखें और कार्रवाई के लिए आगे बढ़ें।
- महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए पिंक रिपोर्टिंग चौकियों में संपर्क किया जा सकता है।

- फोन पर कॉल करके किसी के परेशान करने पर वुमन पॉवर लाइन नंबर 1090 पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
- सीसीटीएनएस पोर्टल में महिला सम्मान प्रकोष्ठ के तहत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
- घरेलू हिंसा के मामलों में प्रबल प्रतिक्रिया के तहत यूपी 112 पर कॉल कर पीड़ित महिलाएं अपना पंजीकरण करा सकती हैं।
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