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Kanpur News: रावतपुर क्रॉसिंग का वनवे हुआ खत्म, आ-जा सकेंगे सभी वाहन

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कानपुर। दक्षिण क्षेत्र से आने वाले लोग आसानी से कार्डियोलॉजी पहुंच सकें इसके लिए मंगलवार रात से रावतपुर क्रॉसिंग का वनवे खत्म कर दिया गया है। अब पांडुनगर, शास्त्रीनगर, काकादेव और दक्षिण क्षेत्र के लोग रावतपुर से घूमकर कार्डियोलॉजी या वीआईपी राेड तक जा सकेंगे। अब तक यहां से केवल दो पहिया वाहन चालकों के लिए ही निकलने की व्यवस्था थी।
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तत्कालीन डीसीपी रवीना त्यागी ने यातायात व्यवस्था में कई परिवर्तन किए थे। इसी के तहत रावतपुर में क्रॉसिंग पर वनवे व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यह उस समय की जरूरत थी जबकि अब बदलाव की मांग हो रही है। व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, आजमन लगातार वनवे, कट, डिवाइडर व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने घंटाघर, अफीम कोठी, कचहरी रोड, सिविल लाइंस, चेतना चौराहा, गुमटी क्रॉसिंग, टाटमिल चौराहा, कल्याणपुर क्रॉसिंग, आरटीओ वनवे, रावतपुर क्रॉसिंग को वनवे, मेडिकल कॉलेज रोड पर मेट्रो स्टेशन के पास से घूमकर आने आदि की व्यवस्था की थी। उस दौरान मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा था। अब मेट्रो आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन तक चलने लगी है। इस कारण अधिकारियों ने पूर्व की व्यवस्था में बदलाव शुरू कर दिया है।
अभी तक बदलीं ये व्यवस्थाएं
- आरटीओ के सामने का वनवे खत्म किया गया।
- कल्याणपुर व बगिया क्रॉसिंग वनवे समाप्त किया।
- गीतानगर क्रॉसिंग का डिवाइडर हटाया गया।
- रावतपुर तिराहे के पास आने जाने की व्यवस्था बदली।
- चुन्नीगंज तिराहे पर ट्रैफिक की आवाजाही बदली गई।
- लाल इमली से परेड रोड की गई चालू।
- परेड से बड़ा चौराहा रोड पर यातायात हुआ शुरू।
- मूलगंज चौराहे के आसपास का यातायात बदला।
- घंटाघर चौराहे के आसपास की व्यवस्था में थोड़ा बदलाव हुआ।
- नंदलाल चौराहे से दाएं मुड़कर वाहन चालक गोविंदनगर नहीं जा सकते।
डीसीपी ट्रैफिक से दो टूक
- मेडिकल कॉलेज के आसपास जाम की समस्या क्यों आ रही है?
जवाब : मेडिकल कॉलेज गेट के बगल में दवा की दुकानें हैं। हैलट से मरीज दिखाकर दवा लेने और कई तरह की जांच कराने के लिए सड़क पार करते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को स्पीड धीमी करनी पड़ती है। इससे वाहनों की लाइन लगती जाती है।
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- मेडिकल कॉलेज पुल और सड़क पर कोई तकनीकी दिक्कतें भी हैं क्या?
जवाब : किसी तरह कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। मेडिकल कॉलेज पुल और गोल चौराहे की ओर से स्वरूपनगर की ओर जाने वाला ट्रैफिक एक साथ मिल जाता है जिससे जाम की समस्या बनने लगती है। बारिश में सड़क खराब जरूर हो गई है।

- मोतीझील से हैलट अस्पताल तक बेहतर ट्रैफिक के लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब : करीब 600 से 700 मीटर की दूरी पर जाम लग रहा है। यहां पर टीएसआई और सिपाहियों का स्टाफ बढ़ाया गया है। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक विशेष फोकस रहेगा जबकि शाम पांच छह बजे भी अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी।

- शहर में जाम लगने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
जवाब : ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी के चक्कर में जाम की समस्या आ रही है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण, खराब सड़क और अन्य कारण भी हैं। उन पर संबंधित विभागों को भी जानकारी दी जा रही है।

- कई जगह वनवे हटवा दिए गए, डिवाइडर खत्म कर दिए गए, इनकी क्या जरूरत थी ?
जवाब : वनवे और डिवाइडर केवल वहीं हटाए गए हैं जहां पर जरूरत थी। आमजन की मांग को देखते हुए इन्हें हटाया गया है।

- कई नए क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो रहा है, उसके लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब : ट्रैफिक स्टाफ के साथ थाने के फोर्स को जिम्मेदारी दी गई है। फोर्स अतिव्यस्त समय में यातायात संचालित करेगी। कई जगह इसका अनुपालन किया जा रहा है।

ई-रिक्शा और ऑटो की अराजकता के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब : ई-रिक्शा और ऑटो की अराजकता दूर करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। अब तक कई ई-रिक्शे सीज किए जा चुके हैं। ई-ऑटो पर भी कार्रवाई की जा रही है।

ई-रिक्शा के अलग रूट के लिए अब क्या किया जा रहा है?
जवाब : ई- रिक्शा चालकों को पंजीयन और क्यूआर कोड के लिए अंतिम समय दिया गया है। उनकी ओर से ही बार बार समय मांगा जा रहा है। जल्द ही रूट पर ई-रिक्शा का संचालन होगा।
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