कानपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी इस बार 16 अगस्त को है। इसके लिए बाजार तैयार हैं। दुकानों पर लड्डू गोपाल, उनकी पोशाक से लेकर झूले आदि बिक्री के लिए सज गए हैं। लोगों ने भी पर्व के लिए खरीदारी शुरू कर दी है। बाजार में इस बार स्टोन के पटके और कुंदन की माला लोगों को खूब लुभा रहे हैं।
शिवाला बाजार में दुकानों पर रेशमी पगड़ी, मोर पंख, बांसुरी, मटकी, झूले के साथ इस बार टेलीफोन, चश्मा, मिनी सोफा और हाथ पंखा जैसे सजावटी आइटम खूब बिक रहे हैं। हालांकि पिछले साल की तुलना में शृंगार और सजावट की वस्तुओं के दाम औसतन 15 से 20 रुपये प्रति पीस बढ़ गए हैं। कुछ वस्तुओं के दामों में 50 से 70 फीसदी तक का इजाफा भी हुआ है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि महंगाई के बावजूद लोग लड्डू गोपाल की सेवा में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं कर रहे हैं।
25 वर्षों से शिवाला में दुकान चला रहे हिमांशू अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से मोतियों और सजावटी वस्त्र से बने पटके बिक रहे थे। अब भक्त कान्हा के लिए स्टोन वाले पटके खरीद रहे हैं जिनकी कीमत सौ से तीन सौ रुपये तक है। दुकानदार संजय बताते हैं कि इस बार कई तरह के झूले बाजार में हैं। स्टोन, मोर पंख से सजे झूले खूब बिक रहे हैं। इनकी कीमत 200 से लेकर तीन हजार रुपये तक है।
शिवाला के संजय गुप्ता बताते हैं कि दुकानों पर लड्डू गोपाल की मूर्तियों के साथ उनका छोटा मोबाइल, चश्मा और रंग बिरंगे आकर्षक झूले ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। मथुरा से आने वाली बाल टोपी व पगड़ी और कलकत्ता से आने वाले मोतियों के मुकुट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। शुक्लागंज से पगड़ी-माला-मुकुट के कॉम्बो सेट की सप्लाई हो रही है, जिनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
वस्तु दाम पहले अब
लड्डू गोपाल 200-500 350-1000
झूला 300-1000 500-3000
पोशाक 120-250 150-500
मोर पंख 4-5 10-20
बांसुरी 30-50 50-100
पगड़ी 50-150 100-200
मटकी 20-250 50-500
मुकुट 50-150 70-300
मोती माला 20-70 40-150