पूरा मामला पता चलने पर ओम प्रकाश ने तिर्वा तहसील में गुहार लगाई, तो लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने गलत रिपोर्ट निरस्त कर दूसरी आख्या न्यायालय तहसीलदार तिर्वा में पेश की, लेकिन फिर भी उसकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ।
इस पर डीएम ने एसडीएम तिर्वा गरिमा सिंह और तहसीलदार अनिल सरोज को निस्तारण कराकर अवगत कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में सोमवार को तहसीलदार ने अपने कार्यालय कक्ष में संशोधित खतौनी ओम प्रकाश को सौंपी, जिसमें उसका नाम खातेदार के तौर पर दर्ज है। ओम प्रकाश ने खुद के जिंदा साबित हो जाने के लिए डीएम का आभार जताया।