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अब गेहूं खरीदने गांव जाएंगे अफसर, मोबाइल केंद्र से लक्ष्य पूरा करने की तैयारी

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अकबरपुर क्रय केंद्र पर मौजूद सहायक। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। शासन से जनपद में 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया गया है। अलबत्ता अब तक केवल 2005 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका है। सरकारी खरीद से बाजार में गेहूं का दाम अधिक होने से किसान क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं।
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62 में से 50 क्रय केंद्रों पर अब तक गेहूं खरीद की बोहनी नहीं हुई है। इसको देखते हुए अब गांवों में जाकर गेहूं की सरकारी खरीद करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत अधिकारी गांवों के पंचायत घर में गेहूं की तौल कराएंगे और ट्रक पर उसी दिन लादकर गोदाम भेजेंगे।
खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस व भारतीय खाद्य निगम के कुल 62 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की गई थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है।
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इधर बाजार मूल्य अधिक होने से 29 दिनों में केवल 12 क्रय केंद्रों पर 34 किसानों से 2005 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। इसमें खाद्य विभाग के दस क्रय केंद्रों पर 31 किसानों से 1856 क्विंटल और पीसीएफ के दो क्रय केंद्रों पर तीन किसानों से 149 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं जा रहे हैं। बेहद कम खरीद पर अब शासन ने मोबाइल क्रय केंद्रों के जरिये गेहूं खरीद का फैसला लिया है। इसमें केंद्र प्रभारी प्रधानों व किसानों से संपर्क कर कम से कम 150 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए किसानों को राजी करेंगे।
इसके बाद सहमति बनने पर संबंधित गांवों में पंचायत भवन में तौल कराई जाएगी। तत्काल ही खरीदा गेहूं ट्रक पर लोड कराकर एफसीआई गोदाम भेजा जाएगा। केंद्र प्रभारियों को प्रतिदिन दो प्रधानों से संपर्क का लक्ष्य दिया गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप िसिंह ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों ने गेहूं बेचने नहीं आने को लेकर अब मोबाइल क्रय केंद्र के जरिए गेहूं खरीद का निर्णय लिया गया है। सभी एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को अवगत करा दिया गया है।
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