कानपुर देहात। जिला अस्पताल की ओपीडी बंद कराकर हंगामा करने के मामले में अब डॉक्टरों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले की जांच एएसपी कर रहे हैं। उन्होंने बयान दर्ज कराने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों को नोटिस भेजा है। इससे डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया है।
नौ दिसंबर को जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कराकर हंगामा वाले वार्ड ब्वाय रजनीश शुक्ला पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से वह जेल में है। नौ दिसंबर को हंगामा के दौरान कोतवाल ने वार्ड ब्वाय के एक रिश्तेदार को पीटा था वह गोद में बच्चा लिए थे। ये वीडियो वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना के दूसरे दिन 10 दिसंबर को जिला अस्पताल पहुंचे आईजी प्रशांत कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य लोगों से जानकारी ली थी। साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच एएसपी घनश्याम चौरसिया को सौंपी थी। अब एएसपी ने जिला अस्पताल के दस डॉक्टरों को नोटिस जारी कर बयान देने के लिए कहा है।
सीएमएस वंदना सिंह ने डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर जिले से कहीं बाहर जाने पर रोक लगा दी है। एक डॉक्टर को किसी कार्यक्रम में शामिल होने बिहार जाना था। उन्हें जाने से रोक दिया गया है। डॉक्टर को रेल टिकट कैंसिल करानी पड़ी।