प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए सबका साथ सबका विकास नारे को चरितार्थ करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों को चुनाव मैदान में प्रत्याशी के रूप में उतारा है। शुरुआत वार्ड चुनाव से की गई है, पार्टी का कहना है कि बड़े पदों के लिए भी आगे मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों को प्रत्याशी बनाया जाएगा। महानगर के कुल 110 वार्डों में से 11 वार्डों में मुस्लिम प्रत्याशी घोषित किए गए हैं।
आज से पहले मुस्लिम क्षेत्रों के इन वार्डों में भाजपा को कभी भी प्रत्याशी खोजने से भी नहीं मिला था। अब परिस्थितियां बदली हुईं दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि इस बार एक वार्ड पर तीन से चार दावेदार थे। जिसमें से जिताऊ को प्रत्याशी बनाने की बात कही जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील बजाज के अनुसार वैसे तो महानगर में कुल आठ वार्ड ऐसे हैं, जहां पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। इसके बावजूद पार्टी ने तीन और वार्डों को इसमें शामिल करते हुए मुस्लिम प्रत्याशी उतारे। भाजपा की ओर से पहली बार मुस्लिम प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर काफी चर्चा है। मुस्लिम समाज के जिन 11 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा गया है, उसमें पांच वार्डों में मुस्लिम महिलाओं के नाम हैं। महानगर प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने बताया कि भाजपा सभी को साथ लेकर चल रही है। इसी के तहत इस बार मुस्लिम समाज से लोगों को प्रत्याशी बनाया गया है।