फेसबुक से अपने शिकार का प्रोफाइल निकालकर सारी जानकारी ठग एक दूसरे से बांटते थे। कई प्रोफाइलों के स्क्रीन शॉट भी मिले हैं। गिरोह प्रोफाइल को अच्छे से खंगालता था। शिकार के स्वभाव का आंकलन करता था।
कानपुर में नाइजीरियन ठग ओकुवारिमा मोसिस की महिला साथी अलीशा खरमुति उर्फ मेंडी की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की जांच में कई और खुलासे हुए हैं। पुलिस को चार ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिसमें ठगी करने वाले सदस्य जुड़े हैं। इन ग्रुपों में बताया जाता था कि किसको शिकार बनाना है।
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फेसबुक से उसका प्रोफाइल निकालकर सारी जानकारी ठग एक दूसरे से बांटते थे। कई प्रोफाइलों के स्क्रीन शॉट भी मिले हैं। गिरोह प्रोफाइल को अच्छे से खंगालता था। शिकार के स्वभाव का आंकलन करता था। मोसिस ने परिजनों का भी एक ग्रुप बना रखा था, जिसमें मेंडी जुड़ी थी।
मोसिस के पकड़े जाने पर इसी ग्रुप में मोसिस की पत्नी ने मेंडी से उसकी पैरवी करने को कहा था। जिसके बाद वह कानपुर के लिए रवाना हुई थी। पुलिस ने उसे गुरुदेव के पास गिरफ्तार कर लिया था। एक नाइजीरियन नागरिक को भी मोसिस की पैरवी के लिए कानपुर आना था। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है। पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है।
नाइजीरियन नागरिक और उसकी महिला साथी मेंडी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होंगी। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी तलाश की जा रही है।