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हाथों की मेहंदी छूटने से पहले ही दी जान: शादी के पांच दिन बाद ही नवविवाहिता ने लगाई फांसी

Sat, 14 May 2022 05:17 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

कछौना कोतवाली क्षेत्र में नवविवाहिता की शादी के हाथों की मेहंदी नहीं छूट पाई। इससे पहले ही उसने फांसी लगा ली। परिजनों ने आत्महत्या का कारण पता होने से इंकार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरदोई जिले के कछौना में ससुराल से विदा होकर मायके आई नव विवाहिता का शव शनिवार सुबह कमरे में फांसी पर लटका मिला। सुबह ही उसकी विदाई होनी थी। मायके वालों ने आत्महत्या का कारण पता नहीं होने से इंकार किया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। कछौना कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत टांडाहार के मजरा खजोहना निवासी देशराज ने बताया कि बहन माधुरी की शादी नौ मई को हरियावां थाना के कैमापुर निवासी चंद्रपाल के साथ की थी।

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12 मई को माधुरी को ससुराल से विदा कराकर मायके लाया था। गुरुवार रात वह खाना खाकर बारामदे में मां के साथ लेटी थी। शनिवार सुबह करीब पांच बजे मां की आंख खुली, तो माधुरी नहीं दिखी। काफी देर तक वह नहीं दिखी, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। इस दौरान कमरे का गेट खोलने का प्रयास किया, तो अंदर से कुंडी बंद दिखी। खिड़की से झांककर देखा, तो अंदर टार्च जलती दिखी और माधुरी फांसी पर लटकी दिखी।

इस पर दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजन ने आत्महत्या का कारण पता नहीं होने की बात कहते हुए आरोप से इंकार किया है। कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि मायके वालों ने आरोप नहीं लगाया है। घटना की जांच उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह को सौंपी है।
 

सुबह ही होनी थी विदाई
माधुरी की शादी को महज पांच दिन हुए थे। तीन दिन ससुराल में रहकर वह मायके आई थी। बताया जा रहा है कि शनिवार को उसकी विदाई थी। ऐसे में शादी के महज पांच दिन बाद माधुरी के आत्महत्या करने को लेकर ग्रामीणों में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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हाथों की मेहंदी छूटने से पहले दी जान
महज पांच दिन पहले शादी कर ससुराल गई माधुरी वहां सिर्फ तीन दिन रुकी थी। चौथे दिन परिजन उसकी विदाई कराकर मायके ले आए थे, जहां से दो दिन बाद  उसको ससुराल जाना था। अभी शादी के दिन उसके हाथों में लगाई गई मेहंदी तक नहीं छूटी थी। मेहंदी छूटने से पहले ही उसने जान दे दी।
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