वहीं, ऐसी चर्चा है कि लखनऊ-कानपुर हाईवे का जाम और सपा की मुहर होने की वजह से शासन उन्हें बहुत दिन बर्दाश्त नहीं कर पाया। एक अगस्त को देर रात 1991 बैच के आईपीएस बीपी जोगदंड ने पदभार ग्रहण किया और मंगलवार को पुलिस लाइन में मीडिया से मुखातिब हुए। अभी तक वे लखनऊ में एडीजी मुख्यालय के पद पर थे। उन्होंने बातचीत में शहर को अपराध मुक्तबनाने का ब्लू प्रिंट भी बताया.......
प्रश्न : शहर आगमन पर आपका स्वागत है। क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?
उत्तर : शासन की प्राथमिकताओं पर काम किया जाएगा। क्राइम, ट्रैफिक, इनवेस्टिगेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉ एंड ऑर्डर पर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस काम करेगी।
प्रश्न : आपके लिए शहर नया नहीं है, ट्रैफिक के लिए कोई प्लान है?
उत्तर : अक्टूबर 2009 से फरवरी 2010 तक मेरी तैनाती शहर में रही थी। 12 साल हो गए। शहर में बड़ा बदलाव हुआ है। जरा शहर समझ लूं, फिर प्लान बनाता हूं। वादा है कि ट्रैफिक स्मूथ मिलेगा। शहर की छवि बनाने और बिगाडने में ट्रैफिक की महती भूमिका है।
प्रश्न : पुलिस के लिए क्या संदेश है?
उत्तर : घटना छोटी हो या बड़ी, पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी घटना पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अपने मोर्चे पर अलर्ट दिखाई देगी।
प्रश्न : महिला अपराध को रोकने के लिए कोई विशेष प्लान?
उत्तर : थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है। मिशन शक्ति के तहत कई प्लान किए गए हैैं। जीरो टॉलरेंस पर महिलाओं की शिकायत का समाधान किया जाएगा।
प्रश्न : बीते दिनों कुछ मामलों में पुलिस की छवि दागी हुई है, पुलिस की छवि सुधारने के लिए क्या करेंगे?
उत्तर : वर्तमान में समय पर्व और धार्मिक आयोजनों का है। पहली प्राथमिकता आयोजनों को सकुशल, सद्भाव शांतिपूर्वक संपन्न कराना है। पुलिस कर्मियों का नागरिकों से व्यवहार बेहर महत्वपूर्ण होता है। कुशल और बेहतर व्यवहार से पुलिस की छवि को निखारा जा सकता है।
प्रश्न : अराजकतत्वों से निपटने के लिए क्या नीति अपनाएंगे?
उत्तर : किसी भी हालत में शहर का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रश्न : शहर में साइबर क्राइम बढ़ा है, रोकने के लिए क्या नीति अपनाएंगे?
उत्तर : साइबर क्राइम रोकने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। टीम के साथ बैठकर जानकारी करेंगे।
प्रश्न : भूमाफियाओं और अपराधियों के साथ पुलिस की फोटो वायरल होती है, पुलिस की छवि गिर रही है, क्या करेंगे छवि सुधारने के लिए?
उत्तर : अपराधी की जगह हवालात है, इसके अलावा थाने में कहीं नहीं दिखेगा, अगर कोई संलिप्त पाया गया, तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न : तीन जून को शहर में हुए उपद्रव के बाद गिरफ्तारियां लंबे समय से नहीं हुईं?
उत्तर : अभी मैैं जरा जिले में तैनात पुलिस अधिकारियों से बात कर लूं, फिर इसकी योजना बनाऊंगा।
प्रश्न : पुराने जो मामले पेंडिंग में हैं, क्या उन पर काम किया जाएगा?
उत्तर : सभी मामलों को हल किया जाएगा। इसके लिए स्पेशल टीम भी बनाई जाएगी।
प्रश्न : कमिश्नरेट के लिए अभी तक भवन की इंतजाम नहीं हो सका?
उत्तर : नई इमारत के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रयास होगा कि इस साल तक शासन से उसकी स्वीकृति के साथ ही कारदाई संस्था चिन्हित कर दी जाए।
ये होंगी कमिश्नरेट में जरूरी बातें
- हर स्थिति पर, हर चीज पर रखी जाएगी कड़ी नजर
- जनता को अधिक से अधिक मदद, जनसहयोग भी होगा लक्ष्य
- समाज के अच्छे लोगों के साथ हमेशा रहेगी कमिश्नरेट पुलिस
- हर छोटी घटना को संज्ञान में लिया जाएगा
- सशक्त कार्रवाई होगी, जिससे तुरंत इंसाफ मिल सके
- क्राइम पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम
- माहौल बिगाडने वाले और अव्यवस्था फैलाने वाले रहें सावधान
- अधिकारियों के साथ बैठक कर समझा माहौल और दिए निर्देश
देश और विदेश में ली है ट्रेनिंग
- सैंड एंड होमलैंड सिक्योरिटी (दिल्ली से)
- काउंटर टेररिज्म 2012 (महाराष्ट्र से)
- टैक्टिकल कमांडर क्रिटिकल इनसिडेंट एंड रेस्पांस कोर्स (लास एंजिल्स, यूएसए)
- कोकून 2015 इंटरनेशनल साइबर सिक्योरिटी एंड पुलिसिंग
ये मिल चुके हैं पदक
अनमिक 2001-2002, पीएम - 26/01/2010, कठिन सेवा पदक : 05/09/2012, पराक्रम पदक 19/06/2014, डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर 15/08/2015, पीपीएम 26/01/2016, डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड 26/01/2018, डीजी कमेंडेशन डिस्क प्लेटिनम 26/01/2019।