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Kanpur: न्यू कानपुर सिटी योजना एक साल में होगी विकसित, केडीए खरीद चुका है 65 प्रतिशत जमीन, मिलेंगी ये सुविधाएं

Sun, 22 Sep 2024 09:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: केडीए ने जिला प्रशासन के माध्यम से न्यू कानपुर सिटी योजना के लिए चिन्हित शेष जमीन अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव इसी माह शासन भेजा गया है। वहां सोशल इंपैक्ट असिस्मेंट (एसआईए) के लिए एजेंसी चयनित की जा रही है।
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new kanpur city - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में 28 साल से बहुप्रतीक्षित न्यू कानपुर सिटी योजना को एक साल में विकसित करने के लिए केडीए ने जमीन अधिग्रहीत करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम सर्किल रेट से चार गुना भुगतान कर जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित योजना स्थल में जो काश्तकार जमीन नहीं बेचेंगे, उनकी जमीन एक साल के भीतर जिला प्रशासन के माध्यम से अधिग्रहीत की जाएगी। केडीए ने चरण वार प्लाटिंग और विकास कार्य कराने की योजना भी बना ली है।

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इससे हजारों लोगों का आशियाने का सपना पूरा होगा। पार्क के साथ ही मॉल, मल्टीप्लेक्स, हॉस्पिटल, स्कूल, कॉलेज, सामुदायिक केंद्र आदि की सुविधाएं भी मिलेंगी। केडीए ने 1996 में न्यू कानपुर सिटी योजना विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। मकड़ीखेड़ा, कल्याणपुर से सिंहपुर और मैनावती मार्ग के बीच के सात गांवों की 464 हेक्टेयर जमीन पर योजना विकसित होनी थी।
इसमें सिंहपुर, हिंदूपुर, गंगपुर चकबदा, संभरपुर, ख्योरा कछार, विसायकपुर कछार और बैरी अकबरपुर कछार गांवों की जमीन शामिल थी। केडीए ने योजना को मूर्तरूप देने के लिए अधिग्रहण शुरू किया, पर उस समय लागू भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-4 से धारा-6 तक की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया। आरोप लगाया गया था कि केडीए के कुछ अफसरों ने बिल्डरों से मिलीभगत के चलते लापरवाही की, उन्हीं बिल्डरों ने कुछ काश्तकारों को आगे कर जमीन लेने का विरोध शुरू किया।

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केडीए को 111 हेक्टेयर जमीन का कब्जा मिला
35 से ज्यादा काश्तकारों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। केडीए को इस न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में हार का सामना करना पड़ा। 2010 में एडीएम (भूमि अध्याप्ति) के माध्यम से केडीए को 111 हेक्टेयर जमीन का कब्जा मिला, पर यह जमीन एक मुश्त होने के बजाय सभी गांवों में छितरी हुई थोड़ी-थोड़ी जमीन थी, जिसमें योजना विकसित कर पाना संभव नहीं था।

योजना फाइलों में ही बंद होकर रह गई थी
सन 2012 में केडीए ने पुन: इस योजना को विकसित करने के लिए 82 हेक्टेयर जमीन खरीदने का प्रस्ताव एडीएम (भूमि अध्याप्ति) को भेजा, पर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर और ज्यादा जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश देते हुए इसे लौटा दिया था, पर ज्यादा जमीन का प्रस्ताव बनने से पहले ही 2013 में जमीन अधिग्रहण की नई नीति लागू होने के बाद योजना फाइलों में ही बंद होकर रह गई थी। इसके बाद योजना स्थल पर कई जगह अवैध प्लॉटिंग, मकान बनने लगे।

योजना का दायरा घटाया
2019 में केडीए बोर्ड से अनुमति लेकर पुन: इस योजना के लिए जमीन खरीदने के प्रयास शुरू हुए, पर जमीन का दायरा घटा दिया गया। तय हुआ कि योजना को चरणवार विकसित किया जाएगा। शुरुआत चार गांव (सिंहपुर, हिंदूपुर, गंगपुर चकबदा और संभरपुर) की 153 हेक्टेयर जमीन से की जाएगी। इन चारों गांव की करीब 55 हेक्टेयर जमीन केडीए पहले ही अर्जित कर चुका था और करीब आठ हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि भी मिल चुकी थी।

काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत करने की योजना बनाई
शेष करीब 91.5 हेक्टेयर जमीन काश्तकारों से सीधे खरीदने के लिए दो साल पहले नए सिरे से सर्वे हुआ। डीएम सर्किल रेट तय होने के बाद केडीए ने इससे चार गुने दाम पर काश्तकारों से सीधे जमीन खरीदना शुरू किया, पर अभी तक विकास प्राधिकरण मात्र 26 हेक्टेयर जमीन ही खरीद पाया है। शेष 65 हेक्टेयर जमीन खरीदनी है, पर तमाम काश्तकार जमीन बेचने से कतरा रहे हैं। इसके मद्देनजर केडीए ने जमीन बेचने में आनाकानी कर रहे काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत करने की योजना बनाई है।

शासन को भेजा जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव
केडीए ने जिला प्रशासन के माध्यम से न्यू कानपुर सिटी योजना के लिए चिन्हित शेष जमीन अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव इसी माह शासन भेजा गया है। वहां सोशल इंपैक्ट असिस्मेंट (एसआईए) के लिए एजेंसी चयनित की जा रही है। एजेंसी तय होने और शासन से हरी झंडी मिलते ही अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी करने की तैयारी की गई है।

न्यू कानपुर सिटी के लिए जमीन खरीदने के साथ ही जमीन अधिग्रहीत करने की कार्यवाही शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जो काश्तकार जमीन नहीं दे रहे हैं, इसके तहत उनसे भी जमीन मिल सकेगी।  -मदन सिंह गर्ब्याल, उपाध्यक्ष, केडीए

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2013 में लागू हुए नए अधिनियम के तहत न्यू कानपुर सिटी के लिए शेष जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। एक साल में इसे पूरा किया जाएगा। इसके बाद फेज वार योजना विकसित कर आशियाने का सपना पूरा किया जाएगा।  -अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए
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