तब लाटूशरोड फायर स्टेशन को किया था सतर्क
हालांकि इस संबंध में उन्हें सीएफओ स्तर से कई बार नोटिस भी दिया जा चुका था। विभागीय सूत्रों के अनुसार घटना के दिन भी वह फजलगंज में ही थे। गुरुवार की रात करीब 1:32 बजे पर मिनी कंट्रोल रूम पर बाजार में आग लगने की सूचना दी गई। यहां से लाटूशरोड फायर स्टेशन को सतर्क किया गया।
अधिकारी मौके पर नहीं थे मौजूद
अधिकारियों का दावा है कि रात 1:45 बजे तक लाटूशरोड से दो बड़ी गाड़ियां और एक छोटी गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। लेकिन, उनका नेतृत्व करने वाले मौके पर नहीं थे। सूत्रों के अनुसार इस कारण अग्निशमन कर्मी एक रणनीति के तहत आग को एआर टॉवर से ही नहीं रोक सके थे।
लगभग दो घंटे हो चुके थे बर्बाद
उनकी आंखों के सामने ही आग ने आसपास की इमारतों को भी चपेट में ले लिए। जब आग के बेकाबू होने की सूचना फजलगंज में मौजूद एफएसओ को हुई, तो उन्होंने किदवईनगर फायर स्टेशन से गाड़ी मंगइवाई और तब घटना स्थल पर पहुंचे। इस बीच डेढ़ से दो घंटे का समय बर्बाद हो चुका था।
आदेशों की अवेहलना क्यों की
ऐसे में सवाल इस बात का है कि जब आलाधिकारियों ने क्षेत्र की संदेवनशीलता को देखते हुए उन्हें नोटिस देकर अपने क्षेत्र में रुकने को कहा गया था तो भी उन्होंने आदेशों की अवेहलना क्यों की। व्यापारियों में चर्चा है कि अगर एफएसओ मौके पर होते तो कुशल निर्देशन में शायद आग को फैलने से रोक लिया जाता।
एफएसओ को लाटूशरोड स्थित परिसर में ही स्थित अपने आवास में रुकने के निर्देश पूर्व में ही दिए गए थे। इस संबंध में उन्हें कई बार नोटिस दिया गया था। लेकिन, वर्तमान में उनके पास पनकी फायर स्टेशन की भी जिम्मेदारी थी। ऐसे में इसे नजरअंदाज किया गया था। -दीपक शर्मा, सीएफओ