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Kanpur News: निजी प्रकाशकों से चार गुना सस्ता एनसीईआरटी का कोर्स

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इटावा। नए शैक्षिक सत्र में किताब, कॉपियों के रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ऐसे में निजी प्रकाशकों की तुलना में एनसीईआरटी का कोर्स चार गुना तक सस्ता है। इसके बाद भी स्कूल संचालक कमीशन के चलते एनसीईआरटी की किताबों से दूरी बनाए हुए हैं।
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एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हो गया है। स्कूलों ने निजी प्रकाशकों से पहले ही समझौता कर लिया है। जबकि शासन के सख्त आदेश हैं कि एनसीईआरटी की किताबें ही स्कूलों में चलाई जाएं। इस बार कागज पर काफी महंगाई की गई है। इसका असर किताब, कॉपियों पर देखने को मिल रहा है। इंटरमीडिएट से कहीं अधिक महंगी केजी और कक्षा एक की किताबें हैं। स्कूलों ने अपनी दुकानें भी तय की हुई हैं। ऐसे में अभिभावकों ने खरीदारी शुरू कर दी है। कोर्स को देखकर अभिभावक भी आश्चर्यचकित हो रहे हैं। एनसीईआरटी की एक किताब जहां 100 से 150 रुपये तक की आ जाती है। वहीं, निजी प्रकाशकों की किताबें इनसे चार से पांच गुना ज्यादा दाम पर मिल रही है। इनमें स्कूलों को कमीशन भी अच्छा खासा मिलता है।



कोर्स निजी प्रकाशन एनसीईआरटी
नर्सरी 1200-1500 400
एक से पांच तक 2800-3200 850
छह से आठवीं तक 3300-3800 950
10 वीं से 12वीं 4500 तक 1050-1400


इंटरमीडिएट में एनसीईआरटी व निजी प्रकाशकों की किताबों की स्थिति

विषय निजी प्रकाशन एनसीईआरटी
भौतिक विज्ञान 1200-1400 400
रसायन विज्ञान 1300-1400 400
जीव विज्ञान 1200-1300 200
गणित 1000-1200 300


छोटी कक्षाओं की महंगी किताबें
विषय निजी प्रकाशन एनसीईआरटी
सोशल साइंस 250-350 40
गणित 300-350 50
विज्ञान 250-300 30


निजी प्रकाशकों की किताबें दे रहे स्कूल

1- रामनगर निवासी अभिभावक सुनील राजावत ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराना सरकार का सराहनीय कदम है। लेकिन स्कूल इस कोर्स में कई किताबें निजी प्रकाशकों की लगा रहे हैं, जिनकी कीमत एनसीईआरटी की किताबों से कहीं अधिक हैं। दूसरे विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
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2- टड़वा स्माइलपुर निवासी अभिभावक पंकज दुबे का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों को संरक्षण दे रहे हैं। इन्हीं की सह पर एनसीईआरटी के स्थान पर निजी प्रकाशकों का कोर्स लगाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर, सच्चाई को परखना चाहिए और ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।


कोट-
एनसीईआरटी की किताबों को ही कोर्स में शामिल करें, शासन के आदेशों का उल्लंघन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसकी निगरानी की जा रही है। अभी तक ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शिकायत आने पर जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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- मनोज कुमार, डीआईओएस
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