गुरु गोविंद सिंह महाराज के तीन दिवसीय पावन प्रकाशोत्सव पर गुरुवार को नगर कीर्तन निकाला गया। इस दौरान वाहो-वाहो गुरु गोबिंद सिंह जी, आपे गुरु चेला... जैसे उद्घोष गूंजते रहे।
इसके अलावा जगह-जगह फूलों की बारिश कर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। दशमेष अस्त्रदल और साहिब दल ने गतका, तलवारबाजी, लाठीबाजी और कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।
दोपहर को गुरुद्वारा लाटूश रोड से गुरु ग्रंथ साहिब व उनके पंज प्यारे साहिब की अगुवाई में नगर कीर्तन निकला। मुख्य अतिथि केस्को एमडी सेल्वा कुमारी जे और श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष हरविंदर सिंह लार्ड ने हरी झंडी दिखाई।
इसके बाद नगर कीर्तन तमाम झांकियों, सेवक और जत्थेदारों के साथ बांसमंडी, डिप्टी पड़ाव, जरीब चौकी, फजलगंज, कबाड़ी मार्केट, संत नगर चौराहा, गुमटी नंबर-5, अस्सी फीट रोड, अशोक नगर होते हुए रात में मोतीझील पहुंचा। यहां पर उन्नाव, फतेहपुर के आतिशबाजों ने गोबिंद सिंह द्वार पर जोरदार आतिशबाजी करके सभी को चकित कर दिया।
रंगीन रोशनी के बीच हवा में गुरु गोबिंद सिंह का चित्र आने पर खूब तालियां बजीं। नगर कीर्तन से पहले गुरुद्वारे में अरदास की गई। इस दौरान सुखविंदर सिंह लाडी, मोहन सिंह, ज्ञानी मदन सिंह, परविंदर सिंह, जसपाल, सुखवीर, रविंदर सिंह, जसप्रीत सिंह, खालसा दल के मनमीत सिंह, मोहन सिंह, जगदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
नगर कीर्तन के दौरान पताका के पीछे चल रहे दशमेष अस्त्रदल के सदस्यों ने आग का गोला, गतका, सिर से नारियल फोड़ना, तलवारबाजी, मोटरसाइकिल घुमाना, लाठीबाजी का प्रदर्शन किया।
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