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रहस्यमयी बुखार: वायरल फीवर का वैरिएंट समझ नहीं पा रहे डॉक्टर, तीन दिन में हो जाता मल्टी आर्गन फेल्योर

Sun, 05 Sep 2021 09:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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वायरल फीवर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
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कानपुर कैंट के अस्पताल में भर्ती 66 साल के रोगी का प्लेटलेट्स काउंट 20 हजार है, लिवर खराब हो गया है, गुर्दे फेल हैं, पैंक्रियाटिक ग्रंथि में खराबी आ गई है, हेमरेजिक गैस्ट्राइटिस, फेफड़ों में संक्रमण हो गया है, सेप्सिस हो रहा है। मल्टी आर्गन फेल्योर की स्थिति है।
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रोगी की कोरोना, डेंगू, मलेरिया आदि जांचें सब निगेटिव हैं। सिर्फ तीन-चार दिन वायरल फीवर की हिस्ट्री है। डॉक्टर हैरान हैं कि यह कौन सा वायरल संक्रमण है? जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार उसका इलाज कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि इस तरह के लक्षणों वाला वह पहला केस नहीं देख रहे हैं। इसके पहले भी पांच-छह केस देख चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बुखार आने के बाद रोगी बहुत तेजी से गंभीर होते हैं। सारे अंदरूनी अंग प्रभावित होने लगते हैं।

रोगी की देखते-देखते तीन-चार दिन में मौत हो जा रही है। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि हैलट इमरजेंसी में रोगी बहुत गंभीर हालत में आ रहे हैं। कुछ को तुरंत वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया जाता है। जांच में कोरोना, डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य वायरल फीवर के इस वैरिएंट के बारे में वायरोलॉजी जांच में ही पता चलेगा। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने शहरियों से अपील की है कि वे खुद भी सतर्क रहें। फुल आस्तीन की शर्ट पहनें। शरीर को कपड़े से अच्छी तरह ढंके रहें और जैसे ही बुखार आए तुरंत डाक्टर को दिखाएं।
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