ये थी पूरी कहानी
जनपद कानपुर के थाना चौबेपुर के मदारी पुर गांव निवासी सूरज यादव परिवार सहित शहर के गुजैनी प्लॉट थ्री-बी में किराये से रहते है। वह बगल के कमरे में किराए से रहने वाले त्रिभुवन उर्फ चाचा नाम के व्यक्ति के झांसे में आकर उसके साथ कार से चित्रकूट दर्शन के लिए तैयार हो गया। 21 सितंबर को किराए की कार से अपनी पत्नी अमन यादव (35), बेटा शिव उर्फ रामजी (10) और बेटी परी (2.5) के अलावा कानपुर क्षेत्र आउटर निवासी त्रिभुवन व उसके साथी वीर सिंह के साथ निकले।
खिड़की पर पैर मार कर कार से कूदा
कार संजीव कुमार चला रहा था। जनपद जालौन के जोल्हूपुर से त्रिभुवन ने एक व्यक्ति को और बैठा लिया, जिसे वह फूफा कहकर बुला रहा था। जैसे ही कार शनिवार रात करीब 12 बजे जनपद के जरिया थाना क्षेत्र में पहुंची उसमें पीछे की सीट में बैठे त्रिभुवन व फूफा पति-पत्नी को मारने के लिए उनका अंगौछे से गला कसने लगे थे। तभी सूरज चलती कार में खिड़की पर पैर मार कर कूद गया और झाड़ियों में छिप गया था।
अमन के सिर व चेहरे को हथौड़ी से कूंचा
आरोपियों ने कार खड़ी कर उसकी कुछ देर तलाश की और फिर आगे निकल गए। गोहांड कस्बा स्थित सीएचसी से करीब 100 मीटर दूर राठ-उरई मार्ग पर उन्होंने महिला की बेल्ट से गला कसकर हत्या करने के बाद शव कार से नीचे फेंक दिया। फिर महिला अमन के सिर व चेहरे को हथौड़ी से कूंचकर शव को पुलिया के नीचे छिपा दिया और ऊपर से झाड़ियां डाल ढक दिया।
बेटे को सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया
कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने सूरज के बेटे रामजी का गला कसा और उसे मरा समझ सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया और बेटी परी को जालौन जनपद की सीमा में छोड़ भाग निकले। जान बचाकर छिपे सूरज ने रविवार सुबह जरिया थाने पहुंच चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। वहीं होश में आया शिव उर्फ रामजी ने निकट के एक मंदिर में पहुंच वहां के पुजारी को घटना की जानकारी दी।
कार चालक और फूफा उर्फ कल्लू को किया था गिरफ्तार
जिस पर पुजारी ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी थी। सूचना पर जरिया पुलिस सूरज के साथ रामजी के पास पहुंची थी। वहीं जालौन जनपद सीमा पर छोड़ी गई मासूम को वहां की पुलिस ने अपने साथ ले लिया था। जांच में जुटी पुलिस ने ट्रैस कर कार बरामद कर ली थी। चालक और फूफा उर्फ कल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया था।
ऐसे एक परिवार पर पड़ोसी ने बरपाया था कहर
अमन यादव (पत्नी)- कार में बैठे हमलावरों ने पहले बेल्ट से अमन की गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर रिंच से चेहरा कूंच दिया।
सूरज यादव (पति)- हत्यारों ने सूरज का भी गला कसकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वह कार की खिड़की में पैर मारकर कूद गए।
रामजी (बेटा)- दंपती के बेटे रामजी की भी हत्या की कोशिश की गई। उसे मरा समझकर फेंक दिया था, लेकिन वह बच गया।