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35 साल बाद मुन्नी देवी की दिवाली होगी जगमग, तीन नेत्रदान से छह लोगों की आंखें हुईं रोशन

Sat, 26 Oct 2019 10:42 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर
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कानपुर के शिवराजपुर की मुन्नी देवी (73) की दीपावली 35 साल के बाद रोशन होगी। मुन्नी देवी कार्नियल अंधता से पीड़ित रही हैं जिससे उनकी आंखों में रोशनी नहीं रही। उन्हें श्यामनगर की दिवंगत ज्योतिमा दीक्षित (70) का कार्निया सीनियर आई सर्जन डॉ. महमूद रहमानी ने प्रत्यारोपित किया है।
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युग दधीचि देहदान/नेत्रदान अभियान के तहत  ज्योतिमा दीक्षित ने नेत्रदान की शपथ ली थी। उनका निधन 22 अक्तूबर को हुआ था। उनका पार्थिव शरीर एम्स गोरखपुर को दान किया गया था। तीन नेत्रदानी दुनिया को तो अलविदा कह गए लेकिन कार्नियल अंधता से पीड़ित छह लोगों की आंखों में दीप जला गए।

 
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इनमें आजाद नगर के दिवंगत सुब्रतोलाल मुखर्जी (61) का कार्निया शहर के जीवनलाल (72) और राज किशोरी (68), कृष्णानगर के दिवंगत रमेशचंद्र भाटिया (76) का कार्निया शहर के राम सिंह (55) और फर्रुखाबाद की मुन्नीदेवी (65), ज्योतिमा दीक्षित का कार्निया मुन्नीदेवी (शिवराजपुर) और शहर की माधुरी (75) को प्रत्यारोपित किया गया।

डॉ. रहमानी ने बताया कि कार्निया प्रत्यारोपण नई तकनीक से किया जा रहा है जिससे रोगी चार दिन बाद ही देख सकेंगे और उनकी अस्पताल से छुट्टी की जा सकेगी। युग दधीचि देहदान अभियान के संयोजक मनोज सेंगर ने बताया कि नेत्रदानियों की वजह से अब तक 1183 कार्निया निशुल्क प्रत्यारोपित किए गए हैं। 

जानकी देवी की आंखों से रोशन होंगी दो जिंदगी
कानपुर के कृष्णानगर की जानकी देवी शर्मा (89) की आंखों से कार्नियल अंधता से पीड़ित दो रोगियों की जिंदगी रोशन होगी। उनका लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया। कृष्णानगर क्षेत्र से यह 161वां नेत्रदान है। जानकी देवी शर्मा के निधन पर उनके पुत्र रजनीकांत शर्मा और पौत्र उत्सव कुमार शर्मा ने नेत्रदान प्रेरक मदनलाल भाटिया को सूचना दी। इस पर सीनियर कार्निया ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. महमूद रहमानी ने कार्निया सुरक्षित कर ली। इन्हें कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगियों को प्रत्यारोपित किया जाएगा। 
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