पार्षद नीलम बाथम, पवन पांडेय ने प्रत्येक वार्ड में पोल सहित 30-30 लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर चर्चा की। इस दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि उन्हें दीपावली में 50-50 स्ट्रीट लाइटें मिली थीं। इनमें से लगभग आधी लाइटें खराब हो गई हैं। इन्हें बनने के लिए भैरोघाट स्थित मार्ग प्रकाश विभाग के कार्यालय भेजा जाता है, पर वहां से आने में महीनों लग जाते हैं। कुछ पार्षदों ने रास्ते में ही लाइटें गायब होने का भी आरोप लगाया। मार्ग प्रकाश विभाग के मुख्य अभियंता आरके पाल ने बताया कि जो लाइटें खराब हैं, उन्हें ठीक करा रहे हैं। जो लाइटें लगी हैं, उनकी गारंटी दो साल की है। गारंटी अवधि में आधी लाइटें खराब होने पर सिक्योरिटी जब्त जाएगी। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि जो लाइटें खराब हो गई हैं, उनकी मरम्मत नहीं, बल्कि कंपनी से नई लगवानी हैं। अन्य खराब स्ट्रीट लाइटें 72 घंटे में ठीक कराकर लगा दी जाएं। टोल फ्री नंबर पर शिकायतें आई हों तो उनका निस्तारण भी कराएं।
नामांतरण शुल्क के प्रस्ताव पर सशर्त लगी मुहर
बैठक में एक फीसदी नामांतरण शुल्क के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने सदन को बताया कि यह मामला न्यायालय में लंबित है। फैसला आने तक निर्णय लेना विधि संगत नहीं है।
31 जुलाई तक गृहकर जमा करने पर 10 फीसदी छूट
सदन में 31 जुलाई तक गृहकर जमा करने वाले सभी भवन स्वामियों को 10 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया।
सदन में एजेंडे के सभी 11 प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं। इनमें से नामांतरण शुल्क के मामले में शासन को अवगत कराया जाएगा कि यहां यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए फिलहाल इस पर निर्णय नहीं लिया जा सकता। न्यायालय जो फैसला लेगा, उससे शासन को अवगत कराया जाएगा। - प्रमिला पांडेय, महापौर