विश्राम सिंह बोले- गजब थी नेता जी की याददाश्त
नेता जी की याददाश्त के कायल उनके दोस्त भी हैं। विश्राम सिंह यादव बताते हैं कि परीक्षा के दौरान मुलायम सिंह यादव मुझसे कहते थे कि तुम जोर-जोर से पढ़ो, मैं सुन रहा हूं। जब हम बोल कर प्रश्र उत्तर तैयार कर लेते थे, तब वह सुनकर याद कर लेते थे।
इस तरह से तैयारी करने के बाद परीक्षा दे आते थे। परिणाम भी उनके बराबर ही आता था। विश्राम सिंह यादव ने बताया नेताजी को आम बहुत पसंद थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी दाल, चावल और रोटी ही खाते थे। बताया उनकी खासियत यह थी कि वह जिससे एक बार मिलते थे, उसे भूलते नहीं थे