पूर्व एमएलसी विजय सिंह को बचाने के लिए उसके खिलाफ गवाही देने से रोका जा रहा है। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की दो दिन पूर्व तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुख्तार के अधिवक्ता सौभाग्य मिश्रा का आरोप है कि उनके साथ जेल में संविधान से हटकर कार्रवाई की जा रही है। उनके बेटे उमर व अन्य परिजन को मिलने या बात करने तक नहीं दी गई।
40 दिन पहले भी उसे भोजन में जहर दिया गया। दस दिन पहले भी दोपहर के भोजन में जहर दिया गया। उनका आरोप है कि जेल अधिनियमों के विपरीत शासन प्रशासन कार्य कर रहा है। दरअसल, एमपीएमएलए कोर्ट गाजीपुर में पूर्व विधायक विजय सिंह को बचाने के लिए उनकी गवाही रोकी जा रही है इसलिए पेशी नहीं कराई जा रही। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
जिम्मेदारों ने अदालत में नहीं दी रिपोर्ट
इसमें मुख्तार की जान का खतरा बताया है। उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा के इंतजाम की प्रतिदिन की रिपोर्ट जमा करने की मांग है। बांदा जेल में दो बार जहर देकर मारने के प्रयास की रिपोर्ट जिम्मेदारों ने अदालत में अभी तक नहीं दी है। मुख्तार के कई जगह दिल्ली, बाराबंकी, वाराणसी, गाजीपुर में मामले चल रहे हैं। ऐसे में उसके सभी मामलों की सुनवाई अन्य राज्य की अदालत में कराकर बांदा के जेल से भी शिफ्ट किया जाए।
दोपहर से बिगड़ी थी तबीयत, खाई थी सिर्फ खिचड़ी
दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज से आने के बाद मुख्तार ने खाना-पीना न के बराबर कर दिया था। बुधवार तक कुछ फल ही खाए थे। जेल सूत्रों के मुताबिक गुरुवार दोपहर से उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी थी। सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंच कर उसकी सेहत की जांच की थी। गुरुवार को मुख्तार ने सिर्फ थोड़ी सी खिचड़ी ही खाई थी।
इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया
सूत्रों के अनुसार रात को दवा खाने के लिए हल्का सा भोजन किया था। इसके बाद बुधवार को भी उसने सिर्फ फलों का ही सेवन किया था। गुरुवार को भी थोड़ी सी खिचड़ी खाई थी। इसके बाद उसने फिर से पेट में ऐंठन की शिकायत की। इस पर डॉक्टरों की टीम ने जांच की। इसके कुछ ही देर बाद एडीएम राजेश कुमार भी उसका हाल जानने कारागार पहुंचे थे। शाम सात बजे के आसपास दोबारा तबीयत खराब होने की शिकायत पर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
पांच डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
जिंदा मुख्तार तो पुलिस प्रशासन के सिर का दर्द रहा ही और मौत के बाद भी उसने अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए। प्रशासन रात 11 बजे से ही शव के पोस्टमार्टम की तैयारी में जुट गया। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्तार के परिजनों के मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद ही पांच डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके अलावा पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि देर रात ही शव को परिजनों के सुपुर्द कर उसे गाजीपुर के लिए रवाना कर दिया जाए। इस बीच चर्चा रही कि मुख्तार के परिवार के कई सदस्यों से बांदा की सीमा पर ही रोका गया है। सिर्फ भाई अफजाल को ही मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया है।