मुख्तार के जीवन के अंतिम नौ दिनों का घटनाक्रम
- 20 मार्च को माफिया मुख्तार अंसारी के वकील ने 19 मार्च को जेल के खाने में जहर देने का आरोप लगाया।
- 24 मार्च को शासन के निर्देश पर लापरवाही के आरोप में जेल के दो डिप्टी जेलर समेत तीन का निलंबन हुआ।
- 25 मार्च की देर रात 3 बजे अचानक मुख्तार के पेट में दर्द उठा।
- 26 मार्च को तड़के 5.30 बजे उसे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
- 26 मार्च की शाम 6.30 बजे मुख्तार को मेडिकल कॉलेज से वापस मंडलीय कारागार भेज दिया गया।
- 27 मार्च को परिजनों ने एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर हत्या की साजिश का आरोप लगाया।
- 27 मार्च की शाम को बांदा एमपी-एमएलए कोर्ट जेल प्रशासन से मुख्तार की सेहत की रिपोर्ट तलब की।
- 28 मार्च की दोपहर 2.30 बजे के आसपास मुख्तार को फिर से तकलीफ हुई। इस पर करीब 3.30 बजे डॉक्टरों की टीम ने उसका चेकअप किया।
- 28 मार्च की शाम 5 बजे एडीएम राजेश कुमार ने जेल पहुंचकर मुख्तार के बारे में अधिकारियों से जानकारी की।
- 28 मार्च की देर शाम 7.30 बजे डीएम और एसपी भी काफिले के साथ जेल पहुंचे।
- 28 मार्च को रात 8.15 बजे एंबुलेंस मंगाकर मुख्तार को बेहोशी की हालत में मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।
- 8.30 बजे मेडिकल कॉलेज में मुख्तार का आईसीयू में इलाज शुरू किया गया।
- 9.20 बजे उसे आईसीयू से सीसीयू में शिफ्ट किया गया।
- देर रात 10.30 बजे प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना को सार्वजनिक किया।
- देर रात 11 बजे कमिश्नर और डीआईजी भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
- देर रात 12.30 बजे शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।