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MSME: बजट में पांच करोड़ से 10 करोड़ की गई लिमिट, कानपुर में खुल सकतीं खिलौना निर्माण इकाइयां, पढ़ें डिटेल

Sun, 02 Feb 2025 01:30 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: खिलौने के मैन्युफैक्चरिंग हब की घोषणा पर उद्यमियों ने बताया कि भारत घरेलू खपत के अलावा खिलौनों का बड़ा निर्यातक भी हो सकता है। वर्तमान में चीन इस क्षेत्र में अग्रणी है और भारत चीन से अच्छी प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
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बजट देखते उद्यमी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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वित्त मंत्री ने सूक्ष्म उद्योगों के लिए एमएसएमई क्रेडिट कार्ड लिमिट को पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया है। इसका मतलब यह है कि इतने कर्ज की गारंटी सरकार देगी। शहर की 35 हजार एमएसएमई इकाइयों को अतिरिक्त कर्ज मिलने से राहत मिलेगी। इसके अलावा बजट में देश को खिलौने का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की बात कही गई है। शहर में खिलौनों को खरीदने-बेचने का सालाना 100 करोड़ का कारोबार होता है। इस घोषणा से शहर में खिलौना निर्माण इकाइयां खुल सकती हैं।

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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) भवन में शनिवार को आयोजित केंद्रीय बजट अवलोकन और चर्चा सत्र में 50 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तरुण खेत्रपाल ने कहा कि पिछले बजटों की तुलना में इस बजट में एमएसएमई क्षेत्र पर अधिक ध्यान दिया गया है। निवेश सीमा को ढाई गुना और टर्नओवर सीमा को दो गुना बढ़ाने से निश्चित रूप से इकाइयों को काफी राहत मिलेगी।

रोजगार और निर्यात में काफी वृद्धि होगी
पदाधिकारियों ने बताया कि स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ करने से नई इकाइयां खोलने में सहायता मिलेगी। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि पहली बार उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण देने की योजना की घोषणा से नए सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा। पदाधिकारियों ने बताया कि फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र के लिए फोकस उत्पाद योजना लागू करने से रोजगार और निर्यात में काफी वृद्धि होगी।

चीन से अच्छी प्रतिस्पर्धा कर सकता है भारत
खिलौने के मैन्युफैक्चरिंग हब की घोषणा पर पदाधिकारियों ने बताया कि भारत घरेलू खपत के अलावा खिलौनों का बड़ा निर्यातक भी हो सकता है। वर्तमान में चीन इस क्षेत्र में अग्रणी है और भारत चीन से अच्छी प्रतिस्पर्धा कर सकता है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय हेमराजानी ने कहा कि सरकार ने ऋण गारंटी में वृद्धि की घोषणा की है पर जमीनी स्तर पर बैंक अभी भी 10 लाख रुपये से अधिक की राशि होने पर कोलेटरल सिक्योरिटी की मांग करते हैं। इस मौके पर पूर्व चैप्टर अध्यक्ष पीसी कुरेले, चैप्टर कोषाध्यक्ष विक्रांत अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बजट के असर

नॉन लेदर फुटवियर इकाइयों में बढ़ेगा उत्पादन
बजट में कहा गया है कि नॉन लेदर फुटवियर को बढ़ावा दिया जाएगा। दादानगर में नॉन लेदर फुटवियर निर्माण की आठ से दस इकाइयां हैं। इससे इन इकाइयों में उत्पादन बढ़ेगा। लोगों को और रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा अन्य लोग भी इस तरह की इकाइयों को खोलने के लिए प्रेरित होंगे।
 
टर्म लोन से महिला सशक्तीकरण को मिलेगा बढ़ावा
बजट में एससी-एसटी वर्ग की महिला उद्यमियों के लिए पांच लाख का टर्म लोन देने की घोषणा की गई है। इस स्कीम के तहत पहली बार उद्यमी बन रही महिलाओं को अगले पांच साल के अंतराल में टर्म लोन मुहैया कराया जाना है। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
 
उत्कृष्टता केंद्र से मिल सकेंगे कुशल कामगार
अभी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में कुशल लोगों की अनुपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सरकार ने इसे देखते हुए कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इससे अधिक से अधिक लोग तकनीकी रूप से सक्षम हो सकेंगे और इकाइयों के उत्पादन में वृद्धि की संभावना है।

यह है एमएसएमई क्रेडिट कार्ड
एमएसएमई क्रेडिट कार्ड सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए जारी किया जाता है। इस क्रेडिट कार्ड के जरिये एमएसएमई को उनके कारोबार के खर्चों को पूरा करने के लिए आसान भुगतान का जरिया देना है। वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग इस क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • महिला उद्यमियों के लिए ऐसा कुछ अलग से तो नहीं है, लेकिन एमएसएमई के जरिये वे इसका लाभ ले सकती हैं। उन्हें लोन लेने में आसानी होगी। टर्म लोन में छूट मिली है। स्टार्टअप से नई इंडस्ट्री लगाने में मदद मिलेगी। फुटवियर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए भी योजना है। मेरा फुटवियर का ही उद्योग है। इसका चमड़े के जूतों पर प्रभाव पड़ सकता है।  -सुचेता वाही, चेयरपर्सन, महिला प्रकोष्ठ आईआईए
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, मेडिकल पर बजट बहुत ही अच्छा रहा है। इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी सराहनीय है। हम उम्मीद कर रहे थे कि हालांकि अभी इनकम टैक्स पर बिल लाया जाएगा तो ये सोचने वाली बात है कि उसमें क्या होगा। अगर ऐसा ही रहता है तो इससे क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिसकी इस समय बहुत ही जरूरत है। उद्योगों, व्यापार को इससे फायदा होगा।  -दिनेश बरासिया, आईआईए अध्यक्ष
  • पहले रेंट पर टीडीएस दो लाख रुपये पर 40 हजार कटता था, अब इसे बढ़ाकर छह लाख रुपये किया गया। इनकम टैक्स में छूट मिली है तो ये एक संतुलित बजट है, जिसका फायदा आमजन को भी होगा। इसके अलावा खिलौनों को लेकर की गई घोषणा से शहर में मैन्युफैक्चरिंग स्टार्ट हो सकती है।  -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
  • इस बजट से एमएसएमई को डायरेक्ट या इनडायरेक्ट लाभ मिलेगा। एआई की शिक्षा के लिए एक्सीलेंस सेंटर बनेंगे, ई वाहनों में प्रयोग होने वाली कोबाल्ट, लिथियम ऑयन बैटरी के निर्माण में सीमा शुल्क में कमी से भारत में कम लागत में लिथियम ऑयन बैटरी का निर्माण हो सकेगा। इससे इससे देश के उभरते इलेक्टि्रक वाहन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।  -आलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव, आईआईए

आशा
  • इनकम टैक्स में छूट की उम्मीद पूरी हुई।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर में अब खर्च कम हो सकेगा।
  • क्रेडिट फ्री लोन की लिमिट बढ़ाने की मांग पूरी हुई।
  • निर्यात को बढ़ावा देने से इकाइयों को मिलेगी राहत।
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निराशा
  • क्रेडिट लिमिट पांच करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ करने की मांग पूरी नहीं हुई।
  • क्रेडिट कार्ड की सुविधा सभी को नहीं मिल सकी।
  • इंटरसब्सिडी बढ़ाने की मांग की गई थी पर कुछ नहीं हुआ।
  • कॉरपोरेट टैक्स (माइक्रो स्माल एंड मीडियम) घटाने की मांग पूरी नहीं हुई।
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