उत्पाद की कीमत में 11 प्रतिशत की हो सकेगी कमी
चीन, वियतनाम, कंबोडिया, ताइवान, बांग्लादेश को पछाड़ने के लिए शहर के चमड़ा कारोबारी लंबे समय से वेट ब्ल्यू, क्रस्ट लेदर पर लगने वाले शुल्कों को खत्म करने की मांग कर रहे थे। वेट ब्ल्यू तैयार चमड़े के पहले की प्रक्रिया होती थी। तीन साल पहले इसके आयात पर शुल्क लगा दिया गया। वेट ब्ल्यू का यूरोपीय देशों के साथ ही ब्राजील से आयात किया जाता था। इसका इस्तेमाल निर्यात होले वाले उत्पादों जैसे जैकेट, गारमेंट, सैडलरी, फुटवियर में होता था। शुल्क लगने से उत्पाद का मूल्य 11 प्रतिशत ज्यादा रहता था। अब इसे खत्म कर दिया गया, तो उत्पाद की कीमत में 11 प्रतिशत की कमी हो सकेगी।
पिछले साल 7000 करोड़ का का निर्यात किया था
दाम कम होगा तो उत्पाद अन्य देशों के मुकाबले सस्ता तैयार होगा, जिससे निर्यात बढ़ सकेगा। इसी तरह क्रस्ट लेदर का निर्यात किया जा सकेगा। अभी शहर से क्रस्ट लेदर का निर्यात नहीं किया जाता था। इस क्षेत्र में पाकिस्तान की अच्छी दखल है। पिछले साल 7000 करोड़ का चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया गया था। इसके बाद पहले रूस-यूक्रेन, फिर इस्राइल-हमास युद्ध से निर्यात पर असर पड़ा है। लाल सागर में माल लुटने का डर निर्यातकों के सामने रहा। लंबा रूट तय करने के कारण कंटेनरों की समस्या देखी गई और मालभाड़ा बढ़ चुका है। ऐसे में शहर के चमड़ा कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां थीं।