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MSME For Bharat: कैबिनेट मंत्री बोले- 35 हजार करोड़ से कानपुर का वैभव वापस आएगा, निर्यातकों को राहत पैकेज जल्द

Tue, 16 Sep 2025 09:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

MSME For Bharat: अमर उजाला की ओर से आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहर की बंद मिलों की जमीनों पर उद्योग लगाए जाएंगे।
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मंच से बोलते कैबिनेट मंत्री राकेश सचान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कानपुर के विकास के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। शहर के वैभव को वापस लाने और इसे विकसित करने के लिए 35 हजार करोड़ का पैकेज तैयार किया जा रहा है। अमेरिकी टैरिफ से निर्यातकों और एमएसएमई उद्योग पर पड़ रहे प्रभाव को कम करने के लिए जल्द ही प्रदेश सरकार राहत पैकेज घोषित करेगी।
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आईआईए सभागार में मंगलवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि सचान ने कहा कि शहर की बंद मिलों की जमीनों पर उद्योग लगाए जाएंगे। पीएम मित्र योजना की तर्ज पर गारमेंट और अपेरल्स क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सीएम मित्र पार्क योजना लाई जा रही है। इसे जल्द होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। 50 एकड़ में ये पार्क विकसित होंगे। प्रति एकड़ 50 लाख रुपये तक की मदद उद्यमी को दी जाएगी। आधारभूत ढांचा भी तैयार करके दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नगर निगम की ओर से वसूले जाने वाले संपत्ति नामांतरण शुल्क को खत्म कर दिया गया है। पहले स्टांप शुल्क का एक प्रतिशत शुल्क देना होता था। अब केवल पांच हजार के शुल्क पर संपत्ति का नामांतरण किया जा सकता है। सरकार कानपुर समेत पूरे प्रदेश में लैंड बैंक बना रही है। पहली बार एमएसएमई क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए बिजनेस पार्क बनाए जाएंगे। इसे 100 एकड़ क्षेत्रफल में बनाया जाएगा। तहसील स्तर पर 10 एकड़ जमीन का प्रावधान किया गया है। कानपुर में इसके लिए बिठूर में जमीन चिह्नित की गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्तूबर से पहले प्रदेश के 12-15 जिलों में इनका शिलान्यास किया जाएगा। एक छत के नीचे उद्योग विभाग से जुड़े सभी सरकारी कार्यालय होंगे।
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एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि कानपुर के उद्योग संगठनों के सहयोग और सुझाव से निर्यात नीति तैयार की जा रही है। इस्पातनगर, व्यापार नगर औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें जल्द बनेंगी। उद्योगों को सस्ती दर यानी 2500 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन दी जाए, इस पर काम हो रहा है। ट्रांसगंगा सिटी की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। सिविल लाइंस से गंगा पार तक एक पुल बनाया जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ने के बाद यहां की जमीनों के दाम उद्यमियों को ज्यादा नहीं लगेंगे। ट्रांसगंगा सिटी को अब तक बस जाना चाहिए था।

उन्होंने बताया कि एमएसएमई, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 25 से 29 सितंबर तक इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ही देश में ऐसा राज्य है जो लगातार इस तरह के आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि काॅन्क्लेव में जो सुझाव और समस्याएं उद्यमी संगठनों की ओर से रखी गई हैं। उन्हें मुख्यमंत्री तक रखा जाएगा। अफसरों के साथ बैठक करके उनका समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत एक अनोखी और सराहनीय पहल है। इसके लिए वह अमर उजाला परिवार को बधाई देते हैं। हाल ही में प्रदेश सरकार की तरह ही अमर उजाला ने भी मेधावी छात्रों को सम्मानित किया।
 
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एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश बनाना है
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश बनाया जाए। कानपुर में मेट्रो का निर्माण तेजी से हो रहा है। तीसरा चरण भी जल्द शुरू होगा। रिंग रोड बनाई जा रही है। शहर के औद्योगिक आधारभूत ढांचा सुधार की दिशा में काम हो रहा है। कानपुर अन्य शहरों से पीछे नहीं है। इसका औद्योगिक स्वरूप वापस लाया जाएगा। कानपुर औद्योगिक शहर रहा है और आगे भी रहेगा।
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