ये ट्रेनें रहीं लेट
22824 नई दिल्ली भुवनेश्वर राजधानी 23 घंटे, 12004 स्वर्ण शताब्दी तीन घंटे, 22435 वंदे भारत तीन घंटे, 22436 वाराणसी वंदे भारत पांच घंटे, 12004 शताब्दी एक्सप्रेस सवा पांच घंटे, 12398 महाबोधि एक्सप्रेस साढ़े 21 घंटे, 12562 स्वतंत्रता सेनानी सवा 12 घंटे, 14118 कालिंदी एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस 15 घंटे, 12303 पूर्वा एक्सप्रेस 19 घंटे, 12273 दूरंतो एक्सप्रेस 20 घंटे, 22823 भुवनेश्वर राजधानी 21 घंटे, 15066 पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस 17 घंटे, 02563 बरौनी नई दिल्ली स्पेशल नौ घंटे, 12302 हावड़ा राजधानी सवा छह घंटे, 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, 12582 नई दिल्ली बनारस एक्सप्रेस 11 घंटे, 12180 आगरा लखनऊ इंटरसिटी पौने आठ घंटे।
दिल्ली की उड़ान ढाई, मुंबई की एक घंटे लेट
कानपुर एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक निरस्त रहीं मुंबई और दिल्ली की उड़ानें मंगलवार को आईं। हालांकि ये विमान कोहरे की वजह से लेट आए। दिल्ली का विमान ढाई घंटे की देरी से शाम 4:33 बजे उतरा और 5:08 बजे रवाना हुआ। मुंबई का विमान एक घंटे की देरी से शाम 4:02 बजे आया शाम 4:30 बजे गया।
बिना ठहराव वाले स्टेशनों पर रोकें ट्रेन, खानपान के स्टाल खुलवाएं
प्रयागराज के डीआरएम हिमांशु बडोनी ने पांच घंटे से अधिक ट्रेनें लेट होने पर बिना ठहराव वाले स्टेशनों पर ट्रेनें रोकने और खानपान के स्टाल खुलवाने के निर्देश दिए हैं। ये वो ट्रेनें होंगी, जिनमें पेंट्रीकार नहीं हैं। खाने पीने का सामान बेचने वाले वेंडरों का इंतजाम गाड़ी पहुंचने से पहले कराना होगा।
ट्रेन को स्टेशनों पर रोकें और कंट्रोल को सूचित कर दें
इसके साथ ही रेलवे की तरफ से निर्देश दिया गया है कि ट्रेनों को आउटर पर खड़ी करने के बजाय स्टेशनों पर रोकें और कंट्रोल को सूचित कर दें। इसके बाद अगर ट्रेनें आउटरों पर फंसी हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम के साथ उनकी जरूरत देखें। एसीएम संतोष त्रिपाठी ने बताया कि गोविंदपुरी, पनकी स्टेशनों पर रुकने वाली ट्रेनों के यात्रियों के खानपान का इंतजाम कराया गया है।