कानपुरः पॉक्सो कोर्ट में अभियुक्त ने गवाही देने आई पीड़िता का हाथ पकड़ने की कोशिश की। पीड़िता को अभियुक्त से बात करता देख झल्लाई मां ने भरी अदालत पीड़िता के गाल पर जोरदार तमाचा जड़ दिया। अचानक हुई घटना से एक मिनट के लिए कोर्ट में सन्नाटा छा गया। एडीजे 14 श्रीकृष्ण स्वरूप धर द्विवेदी के आदेश पर तत्काल पीड़िता की मां और अभियुक्त को हिरासत में ले लिया गया। शाम को माफी मांगने पर कोर्ट ने दोनों को सशर्त रिहा कर दिया। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
सरसैया घाट निवासी एक महिला ने पड़ोस में रहने वाले युवक सहित आठ लोगों पर नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत के बाद युवक कोर्ट में पेशी पर आया था। पीड़िता अपनी मां के साथ कोर्ट में गवाही देने पहुंची, तभी अभियुक्त ने लड़की का हाथ पकड़ लिया और लड़की की मां ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। बाद में पीड़िता की मां और अभियुक्त दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। लंच बाद कोर्ट बैठी तो अभियुक्त के अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश शुक्ला ने कोर्ट से माफी की गुहार लगाई, पीड़िता की मां ने भी क्षमा याचना की।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अंसार अहमद खां ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता की मां को इस हिदायत के साथ रिहा किया कि भविष्य में वह पीड़िता के साथ मारपीट करेगी तो उसके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया जाएगा। वहीं अभियुक्त को 50 हजार का बंधपत्र और भविष्य में पीड़िता को डराने, धमकाने या बातचीत न करने की अण्डरटेकिंग देने पर रिहा कर दिया।