इससे अच्छा बजट नहीं हो सकता है। बजट में मध्य वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। सरकारी, गैर सरकारी कर्मचारियों, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को आयकर में दी गई राहत का लाभ होगा। मध्य वर्ग ही समाज की रीढ़ है। -भूपेश अवस्थी, संरक्षक, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
बजट स्वागत योग्य है। ये बजट कर्मचारियों के लिए और मध्य वर्ग के लिए लाया गया है। नई कर व्यवस्था से लिपिकीय वर्ग और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आयकर से मुक्त हो गया है। लिपिकीय वर्ग का वेतन मासिक 80-90 हजार होता है। -प्रभात मिश्रा, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कानपुर
पेंशनरों को वित्तमंत्री से यह आशा थी कि वो 18 महीनों का रुका हुआ महंगाई भत्ता का भुगतान की घोषणा करेंगी। पेंशन को आयकर से मुक्त करेंगी। ऐसा कुछ नहीं हुआ। 12 लाख तक की कर छूट उच्च वर्ग के लिए है। -आनंद अवस्थी, महामंत्री, पेंशनर फोरम
12.75 लाख तक वार्षिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को आयकर नहीं देना होगा, किराये पर रहने वालों को भी राहत दी गई है। लेकिन डिफेंस के बजट में केवल 46,959 करोड़ की वृद्धि अपर्याप्त है। पिछले साल और इस वर्ष भी यह 8 प्रतिशत पर स्थिर है। -मुकेश सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ
इस बार का बजट सरकारी कर्मचारी के लिए खुशियां लेकर आया है। परिवार की बचत और बेहतर होगी। 12 लाख वार्षिक वेतन पाने वाला कर्मचारी 50 से 60 हजार रुपये सिर्फ आयकर में देता था। कर्मचारी वर्ग की श्रेणी में ऐसे कर्मियों की संख्या करीब 50 प्रतिशत है। -अभय मिश्रा, केंद्रीय कर्मचारी
बजट ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों को निराश किया है। बैंकों में स्टाफ की भारी कमी है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए चुनौती है। ग्रामीण स्कोर फ्रेमवर्क बनाना उचित कदम है। एफडी पर ब्याज दर बढ़नी चाहिए थी। -संजय त्रिवेदी, सहायक सचिव, ऑल इंडिया पीएनबी इंप्लाइज फेडरेशन