रखरखाव का एक ही टेंडर जारी होना है
सीओडी पुल के गड्ढों तक को नहीं भरा गया है। जीटी रोड की मरम्मत के लिए अब तक दो बार टेंडर पड़े, लेकिन तकनीकी बिड में ही यह खारिज हो गए। इसकी एक बड़ी वजह यहां जीटी रोड के रामादेवी से आईआईटी तक के हिस्से के साथ ही सीतापुर और हरदोई में भी सड़क की मरम्मत और पांच साल तक रखरखाव का एक ही टेंडर जारी होना है। जानकारों का मानना है कि यदि तीनों जिलों में जीटी रोड के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाते, तो सड़क गड्ढामुक्त हो जाती।
पीडब्ल्यूडी (एनएच खंड) को कानपुर में जीटी रोड, हरदोई और सीतापुर में सड़क मरम्मत के लिए अलग-अलग टेंडर कराना चाहिए था। हालांकि तीनों कार्यों का एक ही टेंडर जारी किया गया। अलग-अलग टेंडर कराने के लिए कहा जाएगा। इससे पहले भी जीटी रोड की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से दो बार कह चुकी हूं। यदि वे नहीं कराएंगे तो नगर निगम से गड्ढे भरवाऊंगी। -प्रमिला पांडेय, महापौर
कानपुर में हरदोई, सीतापुर के साथ ही रामादेवी से आईआईटी तक जीटी रोड की पांच साल तक सड़क मरम्मत और रखरखाव की अनुमानित लागत 74 करोड़ रुपये है। शर्त के अनुसार तीनों कार्य एक ही ठेकेदार करेगा। दो बार टेंडर आमंत्रित किए गए, पर कोई ठेकेदार कंपनी क्वालीफाई नहीं कर पाई। तीसरी बार टेंडर आमंत्रित किए हैं, जो 21 मार्च तक पड़ेंगे। ठेकेदार का चयन होने के बाद मरम्मत होगी। -अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (एनएच खंड)
यदि इस बार भी जीटी रोड के टेंडर में कोई ठेकेदार फाइनल नहीं होगा तो अगली बार कानपुर के टेंडर अलग कराऊंगा। तब तक एनएच पीडब्ल्यूडी को निर्देश देकर गड्ढे भरवाऊंगा। -रमेश अवस्थी, सांसद