फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Blast: दहशत के पल...बारिश की तरह गिरे ईंट-पत्थर, पिता चिल्लाया- अरे! मुझे बचाओ बिल्डिंग ढहने वाली है

Wed, 10 May 2023 10:55 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुए जोरदार धमाका हुआ था। इससे कमरे की छत और दीवार गिर गई। बगल के जिस कमरे में दीवार गिरी, उसमें तीन बच्चे सो रहे थे। पड़ोस में रहने वाली आशा ने बताया कि 10 मिनट पहले ही बच्चों को दूसरे कमरे में ले गई थी। धड़ाम-धड़ाम की आवाज से घर छोड़कर बच्चों को लेकर बाहर भागे थे।
विज्ञापन
kanpur blast case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के पहलवानपुरवा में रात करीब ढाई बजे हुए धमाके के बाद वंशराज के घर की दीवार के ईंट-पत्थर पड़ोसियों के घरों में जाकर गिरे। वंशराज के बगल में रहने वाले श्रीकिशन की पत्नी आशा ने बताया कि जिस कमरे में दीवार आकर गिरी है, उसमें तीनों बच्चे सो रहे थे।

विज्ञापन

हादसे के 10 मिनट पहले ही उन्हें दूसरे कमरे में जाकर सुलाया था। तीनों बच्चों के सकुशल होने पर उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया। आशा ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि दीवार का एक हिस्सा तो पूरा ही उनके घर के एक कमरे की छत पर गिर गया।
कमरे में सो रहे 16 साल के राहुल ने बताया कि भाई दीपू और बहन कोमल भी साथ में थी। अचानक छत पर कुछ भारी सा गिरने की आवाज आई। इस बीच मां भी भागकर आई। बाहर निकलकर देखा तो बगल के घर की पहली मंजिल की दीवारें ही गायब थी।

विज्ञापन

अपने मकान की छत पर खाट लगाए सो रहे थे। देर रात धमाका हुआ तो मैं खाट से नीचे गिरा। हमें लगा कि मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया। खुद को संभालते हुए नीचे की ओर आए। वहां पत्नी को बच्चों को रोता बिलखता देख खुद को नहीं रोक पाए। पूरा मकान जर्जर हो चुका था।  -वंशराज, मकान मालिक

kanpur blast case - फोटो : अमर उजाला
जिस कमरे में धमाका हुआ था। एक दिन पहले पति उसकी छत पर सो रहे थे, लेकिन घटना वाली रात जीने के पास सोए थे। भगवान ने मेरा सुहाग बचा लिया। इधर बच्चे बहू भी धमाके से सहम गए।  -श्यामा देवी, मकान मालिक की पत्नी

देर रात खाना खाकर सो रहा था। धमाके की आवाज सुनकर पहले तो डर गया। इसके बाद हिम्मत बांधकर बाहर आया। बाहर का नजारा देख शोर मचाया तो लोग घरों से बाहर आए। इसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।  -दीपू, पड़ोसी

kanpur blast case - फोटो : अमर उजाला
दीवार के नीचे दब गया था विष्णु
वंशराज के बेटे विनय ने बताया कि पत्नी प्रीति और मां नीचे कमरे में सो रहे थे। पिता वंशराज छत पर थे। छोटा भाई अजय कुमार बाहर आंगन में सो रहा था। विनय ने बताया कि जब धमाका हुआ, तो वह परिवार के साथ बाहर आ गया। ऊपर से चीखने की आवाज आ रही थी। पता चला कि विष्णु दीवार के नीचे दब गया है।

अरे मुझे बचाओ बिल्डिंग ढहने वाली है
विनय ने बताया कि जब सब बाहर आ गए थे उसी के थोड़ी देर बाद पिता वंशराज छत से चिल्लाने लगे, मुझे बचाओ बिल्डिंग ढहने वाली है। उसके बाद फिर से बेटा अपने साथी के साथ ऊपर पहुंचा और पिता को बगल वाली इमारत से उतारकर लाया।
विज्ञापन

पीएनबी के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से तमंचे के बल पर लाखों की लूट - पुलिस अधिकारी मौके पर, बोले प् - फोटो : अमर उजाला
घनी बस्ती बनी बचाव में रोड़ा
धमाके की सूचना के बाद पुलिस और फायरबिग्रेड के जवान पहलवानपुरवा पहुंचे लेकिन घनी बस्ती के बीच बनी गलियों में किसी का वाहन नहीं जा सका। नतीजा यह हुआ कि आस पड़ोस के लोगों ने अपने घरों से ही पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। वहीं, आग से झुलसे लोगों को एक-एक कर अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें