राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की योजना है कि संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर देश के हर घर से नमस्ते सदा वत्सले की आवाज आनी चाहिए। आरएसएस का स्थापना वर्ष 2025 में पूरा होगा। मंगलवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों की प्रांत और विभाग टोलियों की बैठक में कहा कि शताब्दी वर्ष की गूंज पूरे देश से उठनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक को काम करना है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय घोष शिविर के समापन के बाद आयोजित परिचय बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति से संपर्क कर उसे संघ के विषय में बताया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी घर और व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। इसी तरह प्रत्येक मोहल्ले, बस्तियों, गांवों में शाखाओं की संख्या बढ़ाने को कहा।
इसके अलावा जिन स्थानों पर शाखाएं बंद पड़ी हैं, उसे फिर से शुरू करने को कहा गया। मोहन भागवत ने वाल्मीकि बस्तियों को संघ से जोड़ने के लिए पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों से विशेष संपर्क अभियान चलाकर काम करने को कहा। शहरी क्षेत्रों के अलावा गांव-गांव के लोगों को संघ से जोड़ने पर जोर दिया।
मोहन भागवत के संदेश
- लोगों को संघ के विषय में बताया जाए
- सेवा, संस्कार, समरसता जैसे कार्यक्रम किए जाएं
- अच्छे साहित्य का प्रकाशन कर उसका वितरण हो
- समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच जाकर उन्हें संघ से जोड़ें
- प्रत्येक परिवार संस्कारित हो, परिवार की परिभाषा में चाचा-चाची, दादा-दादी भी शामिल होने चाहिए
- परिवार के सभी लोग दिन में एक बार साथ में बैठकर भोजन जरूर करें
- समाज और लोगों के बीच आपस में सद्भावना और संवेदना हो