कानपुर। उर्सला अस्पताल में सालों पहले बनी मॉड्यूलर ओटी अब दोबारा शुरू नहीं हो सकेगी। ओटी की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वहां पर सर्जरी करना संभव नहीं है। एसी के लिए लगने वाला सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। कबूतरों का वहां पर कब्जा है। निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि इंजीनियर ने मॉड्यूलर ओटी का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया है कि ये अब शुरू नहीं हो सकती है।
वर्तमान में अस्पताल में चार ओटी संचालित हैं। हड्डी, नाक कान गला, नेत्र और सामान्य सर्जरी मिलाकर औसत 30 सर्जरी रोजाना हो रही हैं। अगर मॉड्यूलर ओटी शुरू हो जाती तो सर्जरी की संख्या बढ़ने के साथ ही रोगियों में संक्रमण की संभावना भी न के बराबर होती। उर्सला के मुख्य भवन में वार्ड पांच के पास लाखों रुपये खर्च कर वर्ष 2009-10 में मॉड्यूलर ओटी बनवाई गई थी। उस समय ये ओटी शुरू नहीं हो सकी। अब ओटी की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि इंजीनियरों ने भी इसको संचालन कराने से मना कर दिया है।