तीन ने दिया आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र
इसके बाद इरफान को एमपीएमएलए लोअर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आलोक यादव की अदालत ले जाया गया। यहां फर्जी आधार कार्ड मामले में आरोप तय होने थे। लेकिन, आरोपी नूरी शौकत, उनके भाई अशरफ और मौसा इशरत की ओर से अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख नियत कर दी है।
इरफान बोले... मैं इस्तीफा देने को तैयार
मीडिया से बात न करने देने पर इरफान पुलिसकर्मियों पर भड़क उठे। बोले, जब बात नहीं करने देते तो बुलाते क्यों हो। धक्का मारकर ले जा रहे हो, मैं क्या जानवर हूं। इरफान बोले, सरकार को इस्तीफा चाहिए तो देने को तैयार हूं। मीडिया के सवालों पर बोले, मेरे खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है।
इरफान की कमर में दर्द, पैर में दाने
इरफान के अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि इरफान के साथ जेल में सख्ती बरती जा रही है। उन्हें मेडिकल सुविधा नहीं दी जा रही। बार-बार कोर्ट आने-जाने से उनकी कमर में दर्द होने लगा है। उनके पैरों में दाने भी निकल आए हैं। उन्हें जेल मैनुअल के हिसाब से जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही।
मिलाई न होने पर फूट-फूटकर रोई इरफान की पत्नी
पेशी पर आए इरफान से न मिलने न देने पर पत्नी नसीम का दर्द आंसू बनकर फूट पड़ा। वह मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोई। इरफान की पेशी की खबर पर पत्नी नसीम अपने तीनों बच्चों और मां के साथ कोर्ट पहुंची थी। मुकदमों की सुनवाई के दौरान कोर्ट में नसीम को इरफान से मिलने नहीं दिया गया।
बच्चों के भविष्य की दुहाई देकर बोलीं, कि बच्चों के 10वीं व 12वीं के बोर्ड के पेपर चल रहे हैं। हम बच्चों को पेपर दिलवाएं या कोर्ट और जेल के चक्कर लगाएं। हम रोते नहीं इसका मतलब यह नहीं कि हम परेशान नहीं। महाराजगंज आना-जाना बहुत मुश्किल काम है। रो-रोकर कहती रही, हम टूट चुके हैं अब हमें माफ कर दीजिए। छोड़ दीजिए, मत परेशान करिए, हमारी मदद करिए।