वार्डर जगमोहन 29 अक्तूबर 2009 में बागपत जेल में हुए मुन्ना बजरंगी की हत्याकांड में इसका नाम सामने आया था। 14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में मुख्तार अंसारी के गुर्गों के बीच शूटआउट में दो की हत्या मामले में इसका नाम प्रमुखता से आया था। इस कांड में शूटर को बाद में पुलिस ने ढेर कर दिया था।
चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास और उसकी पत्नी निखत के मिलने के मामले में शुक्रवार को सबसे चर्चित नाम वार्डर जगमोहन को जेल अधीक्षक अशोक सागर और जेलर संतोष को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। इस दौरान मिलाई के बदले मोटी रकम और गिफ्ट जैसे कई राज खुले हैं। तीनों की चल अचल संपत्ति का विवरण भी जांच टीम ने जुटाने में लगी है। इनके परिवार के लोगों से भी पूछताछ हो रही है।
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दरअसल, विधायक अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी निखत बानो को नियमों के उलट जेल में मिलाने और गहरी साजिश वाले मामले में शुक्रवार को जांच टीम नामजद वार्डर जगमोहन को पकड़कर लाई। जेल परिसर से लेकर कुछ अन्य जगहों पर लगातार आठ घंटे तक की पूछताछ की गई। इस दौरान उसने जो बताया उसे जांच टीम जेल अधीक्षक व जेलर ने बयानों से मिलान करा रही है।
सूत्रों के अनुसार जब तीनों को एक साथ सामने बैठाया गया तो कई राज सामने आ गए। तीनों ने माना कि नियमों के विपरीत इस तरह का क्रम चला। महंगे गिफ्ट व नगदी मिलने और इसे पहुंचाने वालों के कुछ और नाम सामने आए हैं।
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सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने जेल परिसर और एक विशेष स्थान पर ले जाकर पूछताछ की है। टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज दिखाए और पूछा कि उनकी सहमति के बिना कैसे बैरक से विधायक आसानी से जेल अधिकारी के कमरे में आकर कई घंटे तक अपनी पत्नी निखत से मिल सकता है। इन तीनों से जांच टीम ने उनके परिवार के बारे में पूरे रिकार्ड व संपत्ति का मिलान किया।
उनके बैंक खातों से लेकर उनकी व उनके परिजनों की अचल संपत्ति का रिकार्ड तैयार कर लिया है। खासकर चित्रकूट जेल में डयूटी में आने के बाद से इनकी संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है इसकी रिपोर्ट तैयार की है। इसे लेकर इन तीनों के आवास व परिजनों के यहां भी पुलिस टीम पहुंची है। वहां से जानकारी ली गई है।
कौन है जगमोहन
वार्डर जगमोहन 29 अक्तूबर 2009 में बागपत जेल में हुए मुन्ना बजरंगी की हत्याकांड में इसका नाम सामने आया था। 14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में मुख्तार अंसारी के गुर्गों के बीच शूटआउट में दो की हत्या मामले में इसका नाम प्रमुखता से आया था। इस कांड में शूटर को बाद में पुलिस ने ढेर कर दिया था। अब 10 फरवरी 2023 को विधायक अब्बास व निखत की गैरकानूनी जेल में मुलाकात व साजिश में इसके नाम रिपोर्ट दर्ज हुई है। 2013-14 में जेल से लाखों रुपये के खराब मैटरियल को बेचने के मामले में भी इसके खिलाफ आरोप लगे थे।
इस मामले में नामजद होकर गिरफ्तार हुईं डिप्टी जेलर चंद्रकला को विशेष मददगार माना गया है। चर्चा यह भी आई है कि चंद्रकला बलिया की मूल निवासी हैं वहां पर इनके परिजनों का कोई जमीन का विवाद था। जिसे विधायक अब्बास अंसारी व निखत की मदद से हल करा दिया गया था। जिससे वह प्रभावित होकर इनके मिलन में सहयोग किया। इसके अलावा आरोप है कि कैंटीन सप्लायर नवनीत व सपा नेता फराज के माध्ययम से डेढ़ लाख रुपये नगद भी पहुंचाए गए थे।
जेलर संतोष की किया कंपनी की 16 लाख की कार भी इस मामले में गिफ्ट मिलना माना जा रहाहै। इसे विधायक व उसकी पत्नी के मूल जिले से खरीदा गया है। ऐसे में शोरूम से इसके सभी कागजात व सीसीटीवी फुटेज के अलावा बैंक से लेनदेन की रसीद एकत्र कर जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है।
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को वार्डर जगमोहन को भी नोटिस के जरिए बुलाया गया। इससे जांच टीम गहन पूछताछ कर रही है। इसके पूर्व जेल अधीक्षक अशोक सागर व जेलर संतोष से पूछताछ भी हुई है। इनसे पूछताछ के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी। अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से क्रमवार जानकारी ली जाएगी।