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प्रेमी से इश्क, पति से बेवफाई: करवाचौथ के दिन नौकर के साथ इस हाल में थी पत्नी, अचानक आ गया मिल मालिक और फिर...

Mon, 20 Feb 2023 12:48 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में पत्नी से अवैध संबंधों में मिल मालिक ने ही नौकर की हत्या की थी। दो साल पहले नजीराबाद में सर्वेंट क्वार्टर में नौकर का शव मिला था। मिल मालिक से सांठगांठ कर उस वक्त पुलिस ने खेल कर दिया था। जेसीपी के निर्देश पर नजीराबाद थाना प्रभारी ने पुलिस ने गिरफ्तार किया है और पूरे मामले से राजफाश कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के नजीराबाद में अक्तूबर 2021 में मिल मालिक के घर स्थित सर्वेंट क्वार्टर में मिले नौकर के शव के मामले में पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है। मिल मालिक ने ही नौकर के उनकी पत्नी से अवैध संबंध होने पर हत्या की थी। पुलिस ने मिल मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

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मूलरूप से उन्नाव हसनगंज थानाक्षेत्र के मुस्तफाबाद निवासी सचिन दीक्षित (24) कौशलपुरी निवासी संदीप गुप्ता की तेल मिल में कर्मचारी था। सचिन मिल मालिक के कौशलपुरी स्थित मकान की चौथी मंजिल पर स्थित सर्वेंट क्वार्टर में अकेले रहता था। वारदात के दिन 25 अक्तूबर 2021 को करवाचौथ था। सचिन मिल बंद होने से पहले ही अपने कमरे पर लौट आया।

इसके बाद संदीप ने ही पुलिस को उसके खुदकुशी कर लेने की सूचना दी थी। उक्त मामले में परिजनों ने मिल मालिक पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में पुलिस ने उसकी दो साल तक गिरफ्तारी नहीं कर सकी और न ही वारदात का खुलासा किया।

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मृतक के परिजनों ने हाल ही में जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी से न्याय की गुहार लगाई तो दोबारा वर्तमान थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप ने जांच की, जिसमें पता चला कि मिल मालिक ने ही हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटा दिए थे। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में सक्ष्य मिटाने की धारा बढ़ाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
 

उसी के कंबल से गला कसकर की थी हत्या

सचिन मिल मालिक की पत्नी से फोन पर बात करता था। इस बात की भनक मिल मालिक को थी। वारदात के दिन सचिन के जल्दी घर जाने के बाद वह भी पीछे से घर पहुंच गया। पत्नी और नौकर को आपत्तिजनक हालत में देखकर सचिन की उसी के कंबल से गला कसकर हत्या कर दी थी।
 

पैसों की दम पर पक्ष लेने के लिए मजबूर किया  

वारदात के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ज्ञान सिंह की तरफ से भी लापरवाही बरती गई। उन्होंने घटना स्थल की हालत और शव की स्थिति को देखने के बाद भी उसे खुदकुशी मान लिया था। वहीं, पोस्टमार्टम पैनल से तो कराया गया, लेकिन उसकी कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की गई।
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रिपोर्ट में भी फंदा लगाने से मौत की पुष्टि की गई थी, जबकि शरीर पर  कई चोटों के निशान भी थे, जिन्हें दर्शाया ही नहीं गया। ऐसे में साफ है कि मिल मालिक ने हत्या करने के बाद अपने पैसों की दम पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाकी को भी उसका पक्ष लेने के लिए मजबूर कर दिया था।
 
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