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UP: ठुड्डी से लगाई बंदूक... पैर से ट्रिगर दबाकर गेस्ट हाउस मालिक ने खुद को मारी गोली, सामने आई ये वजह

Sun, 08 Oct 2023 08:36 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में बीमारी से परेशान सिविल लाइंस स्थित मिलन गेस्ट हाउस के मालिक ने आत्महत्या कर ली। लाइसेंसी एक नाली बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या की। खास बात रही कि घर में मौजूद पत्नी गोली की आवाज ही नहीं सुन पाईं। 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में मानसिक तनाव से परेशान सिविल लाइंस स्थित मिलन गेस्ट हाउस के मालिक परवेज मुनीर (69) ने लाइसेंसी एक नाली बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने घर के ही कमरे में बंदूक की नाल ठुड्डी में लगाकर पैर के अंगूठे से फायर कर दिया। 
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खास बात रही कि घर में मौजूद पत्नी गोली की आवाज ही नहीं सुन पाईं। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बंदूक को कब्जे में ले लिया है। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस निवासी परवेज मुनीर लाल इमली में लेबर ऑफिसर थे। वर्ष 2001 में वीआरएस लेने के बाद मिलन गेस्ट हाउस चलाते थे। 

पुलिस के मुताबिक परवेज मुनीर का एक बेटा विदेश और बेटी नोयडा में रहती है। मुनीर काफी समय से मानसिक तनाव से परेशान थे। इसी के चलते शनिवार सुबह उन्होंने खुद को गोली मार ली। इससे उनका भेजा उड़ गया। सूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक टीम को घटनास्थल के कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। 
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पुलिस ने बताया कि परवेज मुनीर की पत्नी का भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। शुक्रवार रात वे दवा खाकर सोईं थी। इसलिए उन्हें गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। नींद खुलने पर उन्होंने परिजनों व पुलिस को घटना की जानकारी दी। एसीपी कर्नलगंज मोहम्मद अकमल ने बताया कि गेस्ट हाउस मालिक ने अवसाद की बीमारी से परेशान होकर जान दी।

एकाकी जीवन से परेशान थे, पहले भी तीन बार कर चुके थे जान देने की कोशिश

बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले मिलन गेस्ट हाउस के मालिक परवेज मुनीर इससे पहले भी तीन बार जान देने का प्रयास कर चुके थे। बताया जा रहा कि वे पिछले करीब 10 साल से एकाकी जीवन जी रहे थे। इससे वे डिप्रेशन में चले गए थे। दरअसल, शादी के बाद से बेटी गुरुग्राम में है। बेटा भी कतर में नौकरी करता है। वे यहां अपनी बीमारी पत्नी के साथ रहते थे।
 

परवेज मुनीर पत्नी निशांत के साथ सिविललाइंस में रहते थे। इकलौता बेटा शारिक एमबीए करने के बाद करीब एक दशक पहले कतर चला गया था। वहां परिवार के साथ रहता है। विवाहित बेटी नगनी गुरुग्राम में परिवार के साथ रहती है। एसीपी कर्नलगंज मोहम्मद अकमल के मुताबिक परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि परवेज मुनीर का बेटा शारिक एक-डेढ़ साल और बेटी नगनी साल-छह महीने में यहां आते हैं। 

इससे माना जा सकता है कि बेटा-बेटी का दूर रहना भी गेस्ट हाउस मालिक के डिप्रेशन की वजह बन गया होगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 30-35 वर्षों से परवेज मुनीर का मनोचिकित्सकों से इलाज चल रहा था। उन्हें एंजायटी की समस्या भी थी। उनकी दवा के पर्चे भी परिजनों ने दिखाए हैं। 


 

परिजनों ने पुलिस को बताया कि परवेज मुनीर ने 2020 में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते उन्हें बचा लिया गया था। इसके पहले और दो बार उन्होंने मौत को गले लगाने की कोशिश की थी। एसीपी के मुताबिक शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को परवेज मुनीर का शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है।

 
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बंदूक की होगी बैलेस्टिक जांच
खुदकुशी में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इसे बैलेस्टिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। एसीपी ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए भी आला अफसरों को रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
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