कानपुर में मेट्रो रेल के सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए पड़े टेंडर अगले हफ्ते एलएमआरसी (लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन) में खुलेंगे। दूसरी तरफ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।
कैबिनेट की मंजूरी और धन आवंटित होते ही कार्य शुरू हो जाएगा। केडीए में मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी की अध्यक्षता में मेट्रो सेल गठित हो गया है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल मेट्रो रेल संचालन के लिए केडीए ने राइट्स कंपनी से डीपीआर तैयार कराकर शासन को भेजा है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कैबिनेट से इसे स्वीकृत कराने के लिए नोट तैयार कर मुख्यमंत्री दफ्तर भेज दिया है।
केडीए अफसरों ने बताया कि कैबिनेट की अगली बैठक में साढ़े तेरह हजार करोड़ के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। यह कार्य कराने की जिम्मेदारी एलएमआरसी को सौंपी गई है।
इधर, एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने मेट्रो रेल संचालन के लिए सिविल वर्क, मैकेनिकल वर्क और इलेक्ट्रिक वर्क के लिए पिछले महीने टेंडर आमंत्रित किए थे। ये टेंडर अगले हफ्ते खुलेंगे।
उधर, कैबिनेट की मंजूरी के दौरान यह तय होगा कि राज्य सरकार लखनऊ की तरह यहां भी अपने धन से ही मेट्रो रेल संचालन के लिए कार्य शुरू कराएगी या धनावंटन के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी।
यह भी संभव है कि राज्य सरकार केंद्र को मेट्रो रेल की लागत का लगभग 50 फीसदी देने और 50 फीसदी स्वयं खर्च करने पर सहमति जताए। बता दें कि मेट्रो रेल का काम जल्दी हो इसलिए कैबिनेट से मंजूरी और टेंडर का काम साथ-साथ चल रहा है।
एपेक्स कमेटी 20 को देगी अपनी रिपोर्ट
कानपुर। स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम ने डीपीआर तैयार कर पिछले महीने केंद्र सरकार को भेजी थी। इसका अध्ययन केंद्र सरकार की एपेक्स कमेटी कर रही है। एपेक्स कमेटी 20 जनवरी को अपनी रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को सौंपेगी। मंत्रालय यह रिपोर्ट पीएमओ भेजेगा। नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए हमारा दावा बहुत मजबूत है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जी 26 जनवरी को कानपुर को स्मार्ट सिटी घोषित करेंगे।