कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर हो रही भर्ती प्रक्रिया में मनमानी के आरोप के बाद विवादों में पड़ गई है। इधर प्राचार्य ने चयनित 60 अभ्यर्थियों को काम पर आने से रोक दिया गया है। वहीं, पूरे मामले में जिलाधिकारी ने भी रिपोर्ट मांगी है।
आउटसोर्स पर मेडिकल कॉलेज में 193 पदों पर भर्ती शुरू हुई थी। एक सिक्योरिटी कंपनी ने ऑनलाइन आवेदन लेकर अभ्यर्थियों का चयन शुरू किया किया। कंपनी द्वारा चयनित कर्मचारियों से पैथालॉजी, ओपीडी, कार्यालय आदि स्थानों पर ड्यूटी लगा काम लिया जा रहा था। भर्ती प्रक्रिया विवादों में आने व सांसद द्वारा जांच के लिए पत्र लिखे जाने के बाद प्राचार्य ने सभी 60 कर्मचारियों को काम पर आने से रोक दिया है।
प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने बताया कि आउटसोर्स पर भर्ती कर रही कंपनी ने 60 कर्मचारियाें के चयन की जानकारी दी है। अब भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में हैं। जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक के लिए इनसे काम नहीं लिया जाएगा। उनके आने पर रोक लगा दी गई है। भर्ती प्रक्रिया निरस्त होती है तो सभी का चयन निरस्त कर दिया जाएगा। जांच के बाद यदि भर्ती प्रक्रिया ठीक पाई गई तो सभी का वेतन जारी करते हुए आगे की प्रक्रिया की जाएगी। यदि दोबारा से प्रक्रिया होती है तो नए सिरे से आवेदन करा कर भर्ती कराई जाएगी।
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तीन सदस्यीय समिति से जांच की मांग
मेडिकल काॅलेज में न्यू पैंथर कंपनी द्वारा 193 अलग अलग पदों पर भर्ती शुरू की गई थी। इस भर्ती के शुरुआत से ही कई आरोप लगने लगे। इधर कुछ दिन पहले सांसद अकबरपुर देवेंद्र सिंह भोले व राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला से कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की। जिसमें भर्ती प्रक्रिया में मनमानी किए जाने व रुपये लेने तक के आरोप लगाए। सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी थी। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र लिख कर तीन सदस्यीय समिति से जांच कराने की बात कही थी।
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भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की जानकारी संज्ञान में आने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी गई है। प्राचार्य की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही बढ़ाई जाएगी। की गई भर्ती की प्रक्रिया की जांच भी कराई जाएगी। - आलोक सिंह, जिलाधिकारी