मारपीट मामले में 26 इंटर्न ने कानपुर मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष शपथ पत्र के साथ अपने बयान दिए हैं। अभी 32 के बयान नहीं आए हैं। कमेटी को बताया गया कि कुछ इंटर्न छुट्टी पर घर गए हैं तो कुछ की अस्पताल में ड्यूटी लगी है। तय किया गया कि सोमवार को दूसरी बार बयान देने न आने वाले इंटर्न को फिर नोटिस जारी होंगे। उनके बयान मंगलवार को लिए जाएंगे। इसके बाद कमेटी आरोपी जूनियर डॉक्टरों के बयान दर्ज करेगी।
यूजीसी और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने जूनियर डॉक्टरों व इंटर्न छात्रों के झगड़ा प्रकरण में साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट मांगी है। यूजीसी ने पहली रिपोर्ट को नाकाफी बताया था। कहा था कि अगर सीनियर, जूनियरों को मारते हैं तो उसे रैगिंग माना जाएगा। कमेटी ने शनिवार को 26 इंटर्न छात्रों से शपथ पत्र पर बयान लिए।
सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई ने घटना की जानकारी से ही इंकार किया है। इसके पहले छह छात्रों से बयान लिए गए थे। उसमें एक ने घटना के वक्त अपनी मौजूदगी स्वीकारी थी। एंटी रैगिंग कमेटी के उपाध्यक्ष कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेंद्र ने बताया कि अभी आधे से अधिक छात्रों के बयान बाकी हैं। इन्हें दो शपथ पत्रों के साथ बयान देने के लिए दो मौके और दिए जाएंगे। फिर जूनियर डॉक्टरों के बयान के बाद रिपोर्ट यूजीसी को भेजी जाएगी। बयान लेते समय कमेटी के सदस्य प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव, डॉ. किरन पांडेय, डॉ. संजय कुमार, डॉ. पूजा आदि मौजूद रहीं।