एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह की फाइल फोटो
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कानपुर में एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह की खुदकुशी से पहले आखिरी बातचीत रूम पार्टनर अनुषी से हुई थी। तब अमृता लगातार रो रही थी। वह बार बार परेशान होने की बात कह रही थी। उसके बाद कॉल काट दी थी।
फिर वह गंगा में कूद गई। इधर लगातार अनुषी उसको कॉल करती रही। फिर वह उसको खोजती हुई गंगा बैराज पहुंची। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे अमृता हॉस्टल से निकली थी।
वह सीधे गंगा बैराज पहुंची। यहां पर वह काफी देर तक पहले अटल घाट पर बैठी रही। उसके बाद बैराज के आसपास घूमती रही। इसकी पुष्टि उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर से हुई। एक बजे उसकी आखिरी बातचीत अनुषी से हुई।
पहली कॉल 26 सेकेंड चली वहीं दूसरी कॉल 74 सेकेंड की थी। जब पुलिस ने अनुषी से इस बारे में पूछा तो पता चला कि कॉल के दौरान अमृता लगातार रो रही थी। क्यों, परेशान है इस बारे में उसने कुछ नहीं बताया था।
4 बजे बंद हुआ मोबाइल
अमृता ने मोबाइल ऑन करके स्कूटी की डिग्गी में रखा था। काफी देर तक उस पर कॉल जाती रही थी। पुलिस के मुताबिक शाम चार बजे मोबाइल बंद हुआ। यानी कि बैटरी खत्म होने पर मोबाइल बंद हुआ। पुलिस की जांच के मुताबिक दो बजे के आसपास अमृता गंगा में कूदी है। फिलहाल अभी तक कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है।
दो नंबरों की खंगाली जा रही जानकारी
पुलिस के मुताबिक अमृता ने आखिरी समय में अपनी मां व रूम पार्टनर से बात की है। इसके अलावा दो अन्य नंबरों में कुछ सेकेंड की कॉल हैं। पुलिस इन दोनों नंबरों के बारे में जानकारी जुटा रही है।