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मायावती पर 'धन कुबेर' की कृपा, जानें क्या है इसका राज

Wed, 19 Jul 2017 08:53 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मायावती
यूपी की पूर्व सीएम और राज्यसभा मेंबर मायावती ने मंगलवार को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मायावती का कहना है कि सदन में बोलने न देने से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। उनका कहना है कि जब मैं सदन में अपनी बात ही नहीं रख सकती तो यहां होने का क्या लाभ। अब मायावती को राज्यसभा में दोबारा एंट्री पाने के लिए अगले यूपी इलेक्शन में बसपा की सरकार बनानी होगी, तभी वो अपनी दावेदारी पेश कर पाएंगी।

कहते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती पर धनकुबेर की कृपा है। इसलिए मायावती राज्यसभा की सबसे अमीर सभासदों में से एक हैं। इनके नाम आलीशान बंगलों के साथ-साथ अथाह सम्पत्ति का भंडार है...  
 
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मायावती
साल 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनाव में बीजेपी ने धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में बसपा को 19 सीट ही मिल पाईं। कम सीट होने की वजह से बसपा अपनी सुप्रीमो को राज्यसभा नहीं भेज पाएगी। यही नहीं, 5 मई 2018 को भी यूपी विधान परिषद की 13 सीट खाली होंगी, लेकिन 2017 के संख्याबल के आधार पर मायावती MLC भी नहीं बन पाएंगी।  
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मायावती
राज्यसभा में बसपा सुप्रीमो यूपी को रिप्रेजेंट करने वाले सदस्यों में 5वीं सबसे अमीर सांसद हैं। मायावती ने 2012 में 111 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। उन्होंने अपनी 70 परसेंट संपत्ति 2 आलीशान बंगलों पर खर्च की है। उनके दिल्ली स्थित बंगले की कीमत लगभग 62 करोड़ रुपए है, वहीं लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित बंगला लगभग 16 करोड़ रुपए का है। इनके पास खुद की कोई कार नहीं है, लेकिन घर पर 96.5 लाख की गोल्ड ज्वैलरी, 15 लाख की मूर्तियां और 9 लाख के चांदी के डिनर सेट मौजूद हैं। इससे भी और बड़े किस्से मायावती को जानने वालों ने बताये हैं। 
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मायावती
साल 1989 में बिजनौर से MP चुनी गईं। 1998, 1999 और 2004 में भी लोकसभा चुनाव जीतीं। 1994 में पहली बार राज्यसभा सांसद बनीं। 3 जून, 1995 को यूपी की चीफ मिनिस्टर बनीं। इसके बाद 1997, 2002 और 2007-12 में इस पोस्ट को संभाला। 2010 में यूपी लेजिस्लेटिव काउंसिल की सदस्य चुनी गईं। 2012 में राज्यसभा सदस्य बनी थीं। 
 
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