मुरादाबाद में ट्रेनिंग के दौरान मयंक त्रिपाठी
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शिद्दत की गर्मी और सियासी गहमा-गहमी के बीच इत्रनगरी के लिए मंगलवार का दिन खुशियों भरा रहा। कलक्ट्रेट में तैनात कर्मचारी प्रभात त्रिपाठी के पुत्र मयंक त्रिपाठी ने मंगलवार को जारी हुई यूपीएससी की चयनित लिस्ट में शामिल होकर जिले का मान बढ़ा दिया। उनके चयन की जानकारी होते ही परिवार खुशी से उछल पड़ा। पिछले साल ही यूपी पीसीएस की परीक्षा पास कर डिप्टी एसपी के पद पर चयनित हुए मयंक की 373वीं रैंक है। अपने पहले ही प्रयास में प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में कामयाब होने वाले मयंक का चयन आईपीएस अधिकारी के रूप में होगा।
जिले के ही सदर तहसील क्षेत्र के टड़वा गांव निवासी प्रभात त्रिपाठी कलक्ट्रेट में प्रधान सहायक के पद पर तैनात हैं। उनके पास एलबीसी व जीसी पटल का प्रभार है। इसके तहत वह नगर निकायों व कर्मचारियों के तबादला व तैनाती से जुड़े पटल का काम देखते हैं। वह यहां परिवार के साथ शहर के सरायमीरा इलाके में रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित आवास में रहते हैं। परिवार में पत्नी अर्चना त्रिपाठी गृहिणी हैं। पुत्र मयंक के अलावा पुत्री स्नेहा त्रिपाठी है। स्नेहा भी भाई की तरह सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
पिता के मुताबिक मयंक बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई शहर के जेपी स्कूल से की है। वर्ष 2020 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से गणित में बीएससी पास किया। वहीं रहकर सिविल सेवा की तैयारी की। पिछले साल पीसीएस परीक्षा में कामयाब होकर डीएसपी के पद पर चयनित होने के बावजूद उन्होंने आगे की तैयारी जारी रखी।
सात अप्रैल को पीसीएस, इस बार 16 अप्रैल को यूपीएससी
मयंत्र की कामयाबी के नतीजों पर एक रोचक संयोग यह भी रहा कि पिछले साल पीसीएस में उनका चयन का नतीजा सात अप्रैल को आया था। इस बार यूपीएससी में उनके चयन का नतीजा 16 अप्रैल को आया है। ठीक एक साल में ही पीसीएस से यूपीएससी के सफर के दौरान परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं। पीसीएस में डीएसपी पद पर प्रदेश भर में 20वीं रैंक हासिल की थी। यूपीएससी में उन्हें 373वीं रैंक मिली है। दोनों ही परीक्षा उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में पास की है।
इन दिनों मुराबाद में डीएसपी की ट्रेनिंग कर रहे हैं मयंक
मयंक इन दिनों मुरादाबाद पुलिस एकेडमी में डीएसपी से जुड़ी विभागीय ट्रेनिंग हासिल कर रे हैं। वह पिछले साल पीसीएस में चयनित होने के बाद से ही वहां ट्रेनिंग ले रहे हैं। पिता के मुताबिक छह महीने की ट्रेनिंग हो चुकी है। अब जबकि उनका चयन यूपीएससी के लिए हो चुका है तो देखने वाली बात होगी कि आगे की ट्रेनिंग की प्रक्रिया किस तरह होगी।
कार्यालय में काम कर रहे थे पिता
प्रभात त्रिपाठी बताते हैं कि वह रोजाना की ही तरह मंगलवार को भी कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में काम कर रहे थे। इसी बीच पुत्र मयंक की कॉल आई। उन्होंने यूपीएससी का नतीजा जारी होने और चयन की जानकारी दी। इससे प्रभात त्रिपाठी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने सबसे पहले घर में फोन कर इसकी जानकारी दी। उसके बाद सीधे डीएम शुभ्रांत शुक्ला से उनके चैंबर में जाकर मिले और उन्हें यह खुशखबरी सुनाई। डीएम ने भी उन्हें पूरे परिवार को शुभकामनाएं दीं।