यूपी के जालौन जिले में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि पूरी दुनिया इस वक्त अफगानिस्तान की ओर देख रही है, पर तालिबान के खिलाफ एकजुटता नहीं दिखा रही है। अगर समय रहते तालिबान के खिलाफ सभी ने एकजुटता नहीं दिखाई, तो यह भारत ही नहीं बल्कि विश्व के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।
वह जालौन में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। शहर के शिया मुस्लिमों ने करबला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 जनाशीनों की याद में तीजे का शोक मनाया।
सुबह से ही मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप में शामिल हुए शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने तालिबान पर बोलते हुए कहा कि तालिबान एक ऐसा संगठन है, जिसकी दहशतगर्दी की कोई सीमा नहीं है। वह औरतों व बच्चों पर भी जुल्म करने से नहीं चूकते, जिसका उदाहरण कुछ समय पहले देखने को मिला है।
तालिबान ने पाकिस्तान के सैनिक स्कूल में हमला कर मासूमों को मार डाला था, इससे बड़ी हैवानियत क्या हो सकती है। सभी देशों को तालिबान के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उन लोगों को भी नसीहत दी, जो तालिबान के पक्ष में बयानबाजी करते हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि हम सभी ने एक अच्छा नेता खो दिया है। कल्याण सिंह एक अच्छे राजनेता थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौलाना अकबर अली नजफी, हाजी हाशिम हुसैन, शबाब हुसैन, नवाब हुसैन, शादाब हुसैन, मासूम अली, इशरत अली आब्दी, वेकार हैदर, अधिवक्ता अली अख्तर आब्दी, अधिवक्ता हैदर अब्बास आदि लोग मौजूद रहे।