जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कानपुर शहर की कमान मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी संभालेंगे। यह फैसला शुक्रवार को रजबी रोड स्थित जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यालय में सर्वसम्मति से हुआ। मौलाना अब्दुल्लाह के पिता और शहरकाजी रहे मौलाना मतीनुल हक ओसामा लंबे समय तक कानपुर में बतौर जिला महासचिव काम करते रहे।
अब यह पद उनके पुत्र को मिला है। जमीअत उलमा शहर कानपुर के अध्यक्ष डाक्टर हलीमुल्लाह खां की अध्यक्षता में बैठक में सभी ने एक राय होकर यह फैसला किया। मौलाना ओसामा के अचानक हुए निधन पर जमीयत उलेमा के पदाधिकारियों ने अफसोस जाहिर किया।
मौलाना ओसामा कानपुर के महासचिव होने के साथ साथ प्रदेश अध्यक्ष भी थे। मौलाना अमीनुल हक ने महासचिव चुने जाने के बाद कहा कि अपने पिता के स्थान को भर पाना हमारे लिये बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि किसी पद के मिल जाने से ज्यादा जरूरी होता है कि उस पद से जुड़ी जिम्मेरियों का बखूबी निर्वहन हो सके।
उन्होंने अपने पिता और उनसे मुहब्बत करने वालों से मार्गदर्शन करने का निवेदन भी किया। बैठक में जमीअत उलमा शहर कानपुर के उपाध्यक्ष मौलाना नूरूद्दीन अहमद कासमी, सचिव मौलाना मुहम्मद अकरम जामई, मुहकमा ए शरिया व दारूल कजा के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासमी, मौलाना फरीदुद्दीन कासमी मौजूद रहे।