कानपुर देहात। धान की सरकारी खरीद में बिजली की अघोषित कटौती रोड़ा बन रही है। शुक्रवार दोपहर में माती फीडर डेढ़ घंटे ठप रहा। इससे दो हजार घरों की बिजली गुल रही। वहीं अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र पर डस्टर मशीन (छन्ना) ठप रहने से धान की तौल नहीं हो सकी। किसान परेशान रहे। दोपहर दो बजे बिजली आयी तब तौल शुरू हुई।
अकबरपुर में उपमंडी स्थल में धान की सरकारी खरीद के लिए दो केंद्र बने हैं। किसान धान खेप लेकर यहां कई-कई दिन से रुके हैं, इधर शेड्यूल की बिजली आपूर्ति न होने से धान की तौल नहीं हो पा रही है। उपकेंद्र कर्मी मनमानी तरीके से बिजली आपूर्ति बंद कर देते हैं। कभी कनेक्शन काटने की वजह बताई जाती है तो कभी ट्रांसफार्मर में फाॅल्ट का बहाना बनाया जाता है। शुक्रवार को माती फीडर की बिजली आपूर्ति दोपहर 12:30 बजे बंद कर दी गई। इसके बाद 1 बजे बिजली दी गई मगर कुछ देर बाद फिर से बिजली गुल हो गई। दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। इस अवधि में करीब दो हजार घरों, सीएचसी, तहसील आदि की बिजली गुल रही।
वहीं उपमंडी स्थल के दो क्रय केंद्रों पर धान की तौल बंद रही। नरिहा निवासी अनिल पाल ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद बिजली आई तक डस्टर मशीन चली और धान की तौल हो सकी। करौसा के मनोज कुमार ने बताया कि दोपहर में बिजली गुल रहने से तौल नहीं हो सकी। बता दें कि अकबरपुर में बिजली कटौती का समय सुबह 8 बजे से सुबह 9:30 बजे तक है। जबकि शाम को 4 बजे से शाम 5:30 बजे तक कटौती तय है। इस समय के अलावा बिजली कटौती की जा रही है।
क्रय केंद्र के सहायक अरविंद कुमार ने बताया कि दोपहर में बिजली गुल रहने से तौल रुकी रही। जेई अवधेश कुमार ने बताया कि बिजली बिल राहत योजना में बकायेदार पंजीयन के लिए नहीं आ रहे हैं तो दोपहर में कनेक्शन काटे गए। इसके पहले थाना परिसर में लगे ट्रांसफार्मर में फॉल्ट हो गया था। एसडीओ विद्युत डीपी सिंह ने बताया कि शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जाए इसके लिए जेई को निर्देशित किया गया है।